Hamirpur में भी ज्योति मौर्या जैसा मामला आया सामने, आशा कार्यकर्त्ता बनते ही महिला ने किसान पति को छोड़ा, जानें- मामला
हमीरपुर में आशा कार्यकर्त्ता बनते ही महिला ने किसान पति को छोड़ा।
ज्योति मौर्या जैसा मामला सामने आया है। हमीरपुर में आशा कार्यकर्त्ता बनते ही महिला ने किसान पति को छोड़ा। प्रधान संग घर बसाने पर पीड़ित ने पुलिस से गुहार लगाई।
हमीरपुर, अमृत विचार। एसडीएम ज्योति मौर्या का मामला अभी ठंडा नहीं हो पाया कि ऐसा ही एक मामला जिले में भी देखने को मिला है। जहां किसान पति ने अपनी पत्नी को शादी के बाद पढ़ाया लिखाया और जब वह आशा कार्यकर्त्ता बन गई तो उसने पति को छोड़ बिना तलाक दिए ही प्रधान के साथ रहने लगी। पति के विरोध करने पर उसे जान माल की धमकी मिलने लगी। पीड़ित किसान ने पुलिस से इस मामले की शिकायत की है।
राठ कोतवाली क्षेत्र के बहगांव निवासी किसान कालीचरण ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2008 में उसकी शादी गांव की ही नर्वदा सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद उनकी एक पुत्री 2009 व दूसरी पुत्री 2016 में हुई। शादी के बाद उसने पत्नी नर्वदा को इंटर व ग्रेजुएशन कराया। जिसके बाद 2018 में नर्वदा की आशा कार्यकर्त्ता में नियुक्ति हुई।
जैसे ही नर्वदा ने आशा का कार्य शुरू किया तभी उसकी आंखों में धूल झोंक सरीला तहसील क्षेत्र के एक प्रधान के साथ नाजायज संबंध बनाने लगी। जब पति इसमें बाधा बनने लगा। तब बिना तलाक लिए ही ग्राम प्रधान के साथ अवैध तरीके से रहने लगी। अधिकारियों से शिकायत करने पर दबंग ग्राम प्रधान और उसकी पत्नी उसे जान से मारने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
वहीं राठ कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामले से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई है। जिसकी जांच की जा रही है। जांच उपरांत जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसके बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
