Bikru Kand: बिकरू कांड में कोर्ट ने पहले आरोपी को सुनाई सजा, विकास दुबे गैंग ने सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की थी हत्या

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर देहात में बिकरू कांड के आरोपी को सुनाई गई सजा।

कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे गैंग ने सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। सोमवार को कानपुर देहात कोर्ट ने एक आरोपी को सजा सुनाई।

कानपुर देहात, अमृत विचार।  बिकरूकांड मामले में सोमवार को सजा पर पहला फैसला सुनाया गया है। घटना में प्रयोग किए गए असलहे की बरामदगी के दौरान पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने के एक दोषी को एंटी डकैती कोर्ट ने पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रूपये का अर्थदंड भी लगाया है।

बता दें कि कानपुर नगर के चौबेपुर क्षेत्र के बिकरू गांव में 2 जुलाई 2020 को विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर दबिश देने गई पुलिस टीम पर गिरोह के साथ गोलियां बरसाकर सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने विकास दुबे सहित छह बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया था।

जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल व सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रशांत मिश्रा ने बताया कि तत्कालीन कानपुर नगर के चौबेपुर थाना इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने बिकरू गांव निवासी श्यामू बाजपेई के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि वह मय हमराह पुलिस कर्मियों व तत्कालीन थानाध्यक्ष शिवराजपुर शेष नारायण पांडेय व इंस्पेक्टर केएन राय बिकरूकांड में शामिल रहे।

आरोपी श्यामू बाजपेई से घटना में प्रयोग किए गए असलहे की बरामदगी के लिए उसे पुलिस हिरासत में लेकर उसके बताए गए स्थान पर लेकर गए। जहां शिवली के पास सड़क से नीचे उतरकर बबूल के जंगल के पास उसने पेड़ के नीचे असलहा होने की बात कही। जिसपर उसे असलहा निकालने के लिए छोड़ दिया तो उसने पेड़ की जड़ से एक थैली से तमंचा निकालकर पुलिस पार्टी पर फायर कर दिया और भागने लगा।

जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगने के बाद पकड़ लिया गया। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट अमित मालवीय की अदालत में चल रही थी। सोमवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल कारावास की सजा सुनाई।

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