Kannauj News : छह सेमी और बढ़ा गंगा का जलस्तर, प्रशासन ने राजस्व विभाग की 15 टीमों को किया तैनात
कन्नौज में छह सेमी और बढ़ा गंगा का जलस्तर।
कन्नौज में छह सेमी गंगा का जलस्तर और बढ़ा। महादेवी घाट पर बेरीकेडिंग करवाई गई। इसके साथ ही चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए।
कन्नौज, अमृत विचार। नरौरा बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद गंगा की धार की स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। सोमवार को जलस्तर छह सेमी और बढ़ गया, जिससे पानी कटरी इलाके के गांवों में घुसने लगा है। जिला प्रशासन ने कटरी क्षेत्र में राजस्व विभाग की 15 टीमों को तैनात किया है। सिंचाई खंड का दावा है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो करीब 18 गांव इसकी चपेट में आ जाएंगे।
नरौरा बांध से छोड़े जा रहे पानी से गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया। गंगा नदी के मुहाने पर बसे कासिमपुर, बख्सीपुर्वा और गुलाबपुर्वा गांव को बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा शुरू कर दिया।
पतित पावनी के बदलते स्वरूप को देखकर कटरी में रहने वाले लोगों ने आपदा से निपटने के लिए सामान समेट कर सुरक्षित इलाकों की तरफ जाने की तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो मुसीबत और बढ़ जाएगी। अतिरिक्त एसडीएम उमाकांत तिवारी, एसडीएम सदर गरिमा सिंह व तहसीलदार सदर रामशंकर ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया और लोगों को सुरक्षित शरणालयों में जाने की अपील की।
एसडीएम ने बताया कि लेखपाल और उप निरीक्षकों की 15 टीमों को लगाया गया है। यह टीमें पल-पल जलस्तर की निगरानी कर रिपोर्ट दे रही हैं। बाढ़ के हालातों से निपटने के लिए मोटर वोट और गोताखोरों के अलावा अस्थायी राहत बचाव शिविर लगाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। महादेवी घाट पर पीएसी की एक फ्लड कंपनी को भी तैनात किया गया है।
2010 में सबसे अधिक रहा था जलस्तर
अधिशासी अभियंता (सिंचाई खंड) पारसनाथ ने बताया कि गंगा में सबसे अधिक बाढ़ वर्ष 2010 में आई थी। इसमें 27 सितंबर 2010 को गंगा का जलस्तर 126.780 मीटर दर्ज किया गया था, जो खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर था। स्थानीय लोगों ने बताया कि उस समय गंगा का पानी पुल के ऊपर से निकल रहा था और कई गांव पानी में डूब गए थे।
