Farrukhabad: बसपा नेता अनुपम दुबे सहित पांच पर रिपोर्ट दर्ज, शमीम हत्याकांड में धोखाधड़ी कर लाभ लेने का प्रयास असफल
फर्रुखाबाद में फतेहगढ़ कोतवाल ने बसपा नेता अनुपम दुवे सहित पांच पर दर्ज कराई संगीन धाराओं में रिपोर्ट।
फर्रुखाबाद में फतेहगढ़ कोतवाल ने बसपा नेता अनुपम दुवे सहित पांच पर संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। कूटरचित दस्ताबेज तैयार कर न्यायालय में गवाह का शपथ पत्र पेश किया।
फर्रुखाबाद, अमृत विचार। फतेहगढ के कोतवाल सचिन सिंह ने मंगलवार को देर रात बसपा नेता अनुपम दुवे सहित पांच के विरुध्द झूठा शपथ पत्र दिला कूट रचित दस्ताबेज तैयार कर न्यायालय को गुमराह करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अनुपम दुबे ने शमीम हत्याकांड के मुकदमे में लाभ लेने के उद्देश्य अपने पक्ष में फर्जी शपथ पत्र दिलवाया है।
फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हो जाने पर इंस्पेक्टर सचिन कुमार सिंह ने मुकदमे के आरोपी अनुपम दुवे पड़ोसी जिला इटावा थाना इकदिल के ग्राम मानिकपुर निवासी शिशू व बालकिशन पुत्र राजाराम, प्रयागराज नगर कमिश्नर रेट के अधिवक्ता आरवी सिंह व अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि ईसी एक्ट न्यायालय में अपराध संख्या 333/95 धारा 147 ,148, 149 व 302 के मुकदमे में अनुपम दुबे व शिशु के विरुद्ध सुनवाई चल रही है।
इसी मुकदमे में जनपद कन्नौज कोतवाली गुरसहायगंज के ग्राम समधन निवासी चश्मदीद गवाह इदरीश पुत्र अब्दुल अजीज का फर्जी शपथ पत्र अदालत को प्राप्त हुआ। दर्ज कराई रिपोर्ट में इंस्पेक्टर ने कहा कि यह शपथ पत्र अनुपम दुवे व शिशु को उक्त परीक्षण में सीधा लाभ पहुंचाने के आशय से प्रयागराज से डाक द्वारा न्यायालय में भेजा गया है। 24 जुलाई को गवाह इदरीश ने अदालत में उपस्थित होकर शपथ पत्र पत्र देकर अवगत कराया कि उसके नाम से 12 जुलाई को प्रार्थना पत्र पर नोटरी शपथ पत्र किसी व्यक्ति द्वारा स्पीड पोस्ट से न्यायालय को भेजा गया है।
जबकि 12 जुलाई को वह अपने घर समधन में ही मौजूद रहा। 12 जुलाई को भेजे गये शपथ पत्र पर मेरा अंगूठा निशान बनाया गया है।जो मेरा नहीं है। और ना ही मेरे द्वारा नोटेरी सत्यापित कराया गया है। इंस्पेक्टर को जांच पड़ताल करने पर पता चला कि शपथ पत्र प्रार्थना पत्र कूट रचित तैयार कर अभियुक्त अनुपम दुवे एवं शिशु को सीधे लाभ पहुंचाने के उद्देश्य भेजा गया हैं।
अभियुक्त अनुपम दुबे, शिशु, नोटेरी करने वाले आरवी सिंह एडवोकेट प्रयागराज और अज्ञात व्यक्ति के द्वारा डाक से न्यायालय में भेजा गया है। मुकदमे की जांच इंस्पेक्टर कमलेश कुमार को सौंपी गई है। आये दिन मुकदमा दर्ज होने के कारण अनुपम दुवे की परेशानी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। अनुपम दुवे इस समय फिरोजा बाद की जिला जेल में बंद है। प्रदेश की माफिया सूची में 30 नम्बर पर उनका नाम दर्ज है। उनके ऊपर आधा सैकड़ा से अधिक मुकदमे संगीन धाराओं में दर्ज हैं।
