मुरादाबाद : बिना कक्षा, शिक्षकों के संवारा जा रहा बच्चों का भविष्य

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मिशन कायाकल्प के तहत बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में चल रहा काम, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में हैं कक्षाओं की कमी, एक साथ दो से तीन कक्षाओं को पढ़ाने को मजबूर शिक्षक

मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले में कक्षाओं और शिक्षकों की कमी से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों का भविष्य पिछड़ रहा है। हालात यह हैं कि स्कूलों में कमरों व शिक्षकों की कमी से एक ही कमरे में दो से तीन कक्षाओं के बच्चे बैठकर पढ़ रहे हैं। मगर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे देख कर भी अनदेखा कर रखा है।

जिले में 1401 बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूल हैं। जिनमें प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इनमें करीब 2.5 लाख बच्चों का पंजीकरण है। लेकिन, इनके लिए शिक्षकों की संख्या केवल 5,500 के करीब है। जबकि आरटीई अधिनियम 2009 के अनुसार छात्र-शिक्षक अनुपात 30:1 होना चाहिए। यानी कि प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में 30 छात्रों के लिए एक शिक्षक होना चाहिए।

 मगर यहां हालात इतने खराब है कि अधिकांश स्कूलों में छात्र संख्या के हिसाब से शिक्षकों की तैनाती नहीं है। काजीपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में 100 से ज्यादा बच्चों पर केवल दो शिक्षक ही तैनात हैं। ऐसे ही हालात कंपोजिट विद्यालय दांग के भी हैं। यहां करीब 150 बच्चों का पंजीकरण है। लेकिन, यहां 4 शिक्षक ही कार्यरत हैं। इन हालात में शिक्षकों को कई कक्षाओं के बच्चों के एक साथ बैठाकर पढ़ाना पड़ता है। जिससे शिक्षक और छात्र-छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

एक कक्षा में पढ़ रहे एक से पांच तक के बच्चे
मुरादाबाद। जिले में मिशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में काम चल रहा है। लेकिन, इस काम की धीमी रफ्तार से बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह कि एक कक्षा में बैठकर एक से पांच तक के बच्चों का भविष्य संवारा जा रहा है। हरथला स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय में एक ही कक्षा में बैठकर एक से पांच तक के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। काजीपुरा स्थित प्राथमिक स्कूल में भी दो कमरे हैं। जिनमें कक्षा एक से पांच तक के बच्चे पढ़ रहे हैं। कुछ यहीं हाल मोहम्मदपुर ध्यान सिंह स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। यहां कायाकल्प का काम पूरा होने के बाद भी सिर्फ दो कमरे हैं। जिनमें कक्षा एक से पांच तक के बच्चे पढ़ रहे हैं।

जिले के कई स्कूलों में मिशन कायाकल्प के तहत काम चल रहा है। जिससे थोड़ी परेशानी हो रही है। जल्द काम पूरा होने के बाद स्कूलों में बच्चों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। - अजीत कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

ये भी पढ़ें:- मुरादाबाद : पुलिस चौकी में प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी युवती

संबंधित समाचार