Cyber Crime : सीतापुर में साइबर ठगों का बड़ा गिरोह सक्रिय, रोज नए तरीकों से कर रहे Fraud
सीतापुर, अमृत विचार। जिले में साइबर ठग तेजी से लोगों की गाढ़ी कमाई को मिनटों में चुरा रहे हैं। आपकी जरा सी चूक से बैंक एकाउंट खाली हो जाएगा। साइबर सेल के पास इस तरह के चार सौ से अधिक मामले दर्ज हैं। एसपी के आदेश पर पुलिस इन मामलों में छानबीन कर रही है।
इंटरनेट की दुनिया में जहां लोगों को तमाम तरह की सुविधाएं मिली है। वही साईबर ठग भी ठगी के नित नए तरीके निकाल रहे हैं।जरा सी चूक से लोगों के बैंक एकाउंट खाली हो जाते हैं। जिसका सबसे बड़ा कारण मोबाइल एप भी एक्सपर्ट बता रहे हैं। इस तरह के एप अगर आपके मोबाइल में है तो बहुत सावधान रहें।
इंटरनेट के अलावा फ्राड के अन्य तरीके भी है
डिजिटलाइजेशन के अलावा ठगों ने और भी ठगी करने के तरीके निकालें है। इनमें मैसेज करने के बाद ओटीपी मंगना प्रलोभन देकर झांसे में लेना इनाम देने के बहाने बैंक खाते की जानकारी लेकर यह ठग बड़ी आसानी से लोगों को लूट रहे हैं। शुक्रवार को नैमिष थाना क्षेत्र में इसी तरह का एक मामला पुलिस के पास आया। थाना क्षेत्र के गांव लालपुर निवासी भगवान दीन को कोलकाता से दवा कंपनी के द्वारा एक चिट्ठी डाक द्वारा प्राप्त हुई। जिसमें बताया गया कि आप को एक कार गिफ्ट की जा रही है। अपना बैंक एकाउंट डिटेल के साथ हमें भेज दें। सक होने पर उन्होंने थाने पहुंच कर इस बाबत में जानकारी दी। पुलिस की सक्रियता के चलते वह ठगी का शिकार होने से बच गए हालांकि वादी द्वारा लिखित में कोई शिक़ायत दर्ज नहीं कराई है।
यह बरतें सावधानियां
साईबर सेल प्रभारी राजीव सिंह बताते हैं कि सबसे ज्यादा खतरनाक मोबाइल एप है। इनमें एनी डेस्क, टीम व्यूवर, मंकी शर्वे, मिंगलव्यू जैसे मोबाइल एप डाउनलोड करने से लोगों को सावधान रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि अज़ान क्यूआर कोड को स्केन करने से भी बचने की जरूरत है। साईबर ठग ऐसे एप के आगे कुछ ऐसी चीज लिख जिससे लोग जल्दबाजी में उसे डाऊनलोड कर लेते हैं। इसके बाद वह ठग आपके मोबाइल का संचालन अपने हाथ में ले लेते हैं। इनसे सावधान रहने की जरूरत है।
ये भी पढ़ें -लखनऊ: पेड़ में फंसे कौवे को बचाने के लिए फायर ब्रिगेड ने किया Rescue Operation, देंखे Video
