Kanpur में कृषि शिक्षा मंत्री सूर्य प्रताप शाही का बेतुका बयान, बोले- टमाटर का महंगा होना चिंता की बात नहीं

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कानपुर में कृषि शिक्षा मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सीएसए में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

कानपुर में कृषि शिक्षा मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सीएसए में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बेतुका बयान दिया कि टमाटर का महंगा होना चिंता की बात नहीं।

कानपुर, अमृत विचार। टमाटर का महंगा होना बहुत चिंता की बात नहीं है। यह टमाटर का ऑफ सीजन है। किसानों को सुरक्षात्मक खेती के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार इसके लिए अनुदान भी दे रही है। यह बात कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में कही।

उन्होंने कहा कि बारिश में टमाटर और अन्य फसलें खराब हो जाती हैं। ऐसे में मीडिया को टमाटर की महंगाई पर ज्यादा फोकस नहीं करना चाहिए। 
सीएसए कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय आए कृषि मंत्री पत्रकारों के टमाटर की महंगाई से संबंधित सवालों से लगातार बचते नजर आए।

सीएसए में फैकल्टी और अन्य स्टाफ की कमी से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि जल्द भर्ती की जाएगी। सरकार इस ओर ध्यान दे रही है। विश्वविद्यालय के अंतर्गत चल रहे प्रोजेक्ट में स्टाफ की पोस्टिंग के सवाल पर भी कृषि मंत्री ने सीधा जवाब नहीं दिया। कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव में 112 हरे पेड़ कटने के मामले में बोले, इस संबंध में बाद में बात की जाएगी। 

एग्री टूरिज्म के रूप में विकसित हो शहर

समीक्षा बैठक में कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या बताई। मंत्री ने कानपुर को एग्री टूरिज्म के रूप में विकसित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने इसके लिए कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों से रोडमैप तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए कहा। कृषि विज्ञान केंद्रों को एक मॉडल के रूप में विकसित कराने के लिए निर्देशित किया। विश्वविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी लैब की योजना बनाकर भेजने के लिए भी कहा। मंत्री ने प्रसार निदेशालय द्वारा लिखित कृषक भारती मिलेट्स विशेषांक का विमोचन किया। 

केवी के दिलीप नगर का किया निरीक्षण

कृषि मंत्री ने विश्वविद्यालय के कानपुर देहात में दिलीप नगर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) का निरीक्षण किया। केंद्र के पोषण वाटिक के माडल को गांवों में बनवाने के लिए कहा। धान की कैफेटेरिया देख कर प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही प्रक्षेत्र पर ज्यादा से ज्यादा बुआई कर रेवोल्विंग फंड बढ़ाने के निर्देश दिये। निदेशक शोध डॉ. पीके सिंह, निदेशक प्रसार डॉ. आरके यादव, केंद्र के प्रभारी डॉ. अजय कुमार सिंह के साथ केंद्र के समस्त वैज्ञानिक डॉ. राजेश राय, डॉ. खलील खान, डॉ. अरुण कुमार सिंह, डॉ. शशिकांत, डॉ निमिषा अवस्थी आदि मौजूद रहे।

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