यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र: मणिपुर के मुद्दे पर सदन में चर्चा चाहते थे अखिलेश, स्पीकर ने किया इनकार
लखनऊ, अमृत विचार। यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरूआत मंगलवार को हो गई, लेकिन विधानमंडल की कार्यवाही शुरू होती उससे पहले ही विपक्ष ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह प्रदर्शन विधानमंडल के बाहर किया गया। उसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन वहां भी विपक्षी दल के नेता हाथ में तख्तियां लिये बेल में पहुंच गये और हंगामा करने लगे। हालांकि इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना विपक्षी दल के नेताओं को समझाने में लगे रहे, लेकिन उनकी बातों का कोई असर विपक्षी दल के सदस्यों पर दिखाई नहीं दिया।
विपक्षी दल के सदस्यों ने सदन की कार्यवाही को चलने से बार-बार रोकने की कोशिश की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि सदन की कार्यवाही स्थगित नहीं करूंगा। विपक्ष मणिपुर के मुद्दे पर सदन के अन्दर चर्चा कराने की मांग पर अड़ा था। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने साफ तौर पर कहा कि सदन में सिर्फ यूपी के मुद्दे पर चर्चा होगी। इस दौरान विपक्ष लगातार हंगामा करते रहा। जिसके कारण कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान पहले दिन विधानसभा के पूर्व सदस्य अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ को श्रद्धांजलि दी गई।
मणिपुर का मुद्दा उठा
यूपी विधानसभा में मणिपुर का मुद्दा नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुये कहा कि मुख्यमंत्री देश के विभिन्न हिस्सों में वोट मांगने जाते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को मणिपुर की बात सदन में करनी चाहिए, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने साफ तौर पर कहा कि मणिपुर की घटना गलत है, लेकिन उत्तर प्रदेश की विधानसभा में मणिपुर पर चर्चा नहीं की जायेगी।
राहुल गांधी को अखिलेश ने दी बधाई
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को बधाई दी है। अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने पर अखिलेश यादव ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने न्याय किया है। इस फैसले से लोगों का कोर्ट पर भरोसा बढ़ा है।
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