Kanpur: सड़कों की दबाई जांच रिपोर्ट, 30 अफसरों को नोटिस, मंडलायुक्त ने दिए थे जांच के निर्देश, CDO ने मांगा जवाब
कानपुर की सड़कों की जांच रिपोर्ट दबाने पर 30 अफसरों को नोटिस।
कानपुर की सड़कों की जांच रिपोर्ट दबाने पर 30 अफसरों को नोटिस दिया गया। जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर मंडलायुक्त ने जांच के निर्देश दिए थे।
कानपुर, अमृत विचार। शहर और ग्रामीण क्षेत्र की 39 सड़कों की जांच में अफसरों की हीलहवाली सामने आई हैं। जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर मंडलायुक्त अमित गुप्ता के निर्देश पर सीडीओ ने 32 अधिकारियों की जांच कमेटी गठित की थी। इन अधिकारियों को पांच दिन में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। सिर्फ दो ही अधिकारियों ने सत्यापन रिपोर्ट दी है। इस पर सीडीओ ने 30 अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
शहर और ग्रामीण इलाकों में एक साल पहले 94.5 करोड़ की लागत से वीआईपी रोड समेत 39 सड़कें बनाई गई थीं। इनमें शहर की मुख्य सड़कें और दूसरे शहरों को जोड़ने वाली सड़कें शामिल हैं। ये सभी सड़कें खस्ताहाल हैं। इन सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। कई सड़कें बीच में ही टूट गई हैं तो कहीं दरार हो गई है। इस तरह की लगातार शिकायत मिलने पर जनप्रतिनिधियों ने मंडलायुक्त से शिकायत की थी।
मंडलायुक्त के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी ने टीम गठित कर पांच दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने 12 दिन गुजर जाने के बाद भी अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं भेजी है। सिर्फ जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आरपी मिश्रा ने ही अपनी सत्यापन रिपोर्ट सौंपी है। बाकी किसी भी अधिकारी ने जांच रिपोर्ट नहीं दी है।
इन सड़कों की मांगी गई रिपोर्ट
पूर्वी कैनाल मार्ग, रावतपुर तिराहे से कंपनी बाग होते हुए मेघदूत तक, लाल इमली चौराहे से एमजी कॉलेज चौराहा, पुराने गंगा पुल तक पहुंच मार्ग, डीएम कंपाउंड मार्ग, लखनऊ-झांसी मार्ग, विजय नगर चौराहा- नमक फैक्ट्री से मरियमपुर चौराहे तक, रावतपुर क्रासिंग तक, केसा कालोनी से सीएनजी पेट्रोल पंप, चिड़ियाघर चौराहे से कर्बला रोड, बिठूर डाकबंगला पहुंच मार्ग, घंटाघर से डिप्टी पड़ाव, श्याम नगर चौराहे से हाईवे तक, पुखरायां से बिन्दकी मार्ग, चौबेपुर- बेला मार्ग।
इन अधिकारियों की दी गई नोटिस
उपायुक्त श्रम रोजगार, जिला कृषि अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कृ़षि एवं रक्षा अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, तहसीलदार बिल्हौर परियोजना निदेशक डीआरडीए, सहायक निबंधक सहायक समिति, जिला प्रशिक्षण अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक।
पांच दिन में जांच रिपोर्ट देनी थी, लेकिन दो अधिकारियों के अलावा किसी ने रिपोर्ट नहीं दी है। सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।-
सुधीर कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
