कानपुर : मथुरा हादसे में हुई मौत के बाद शव घर पहुंचा, मचा कोहराम
कानपुर, अमृत विचार। मथुरा हादसे में मौत होने के बाद बुधवार को मृतकों के शव घर पहुंचे तो चीत्कारों से मोहल्ला गूंज उठा। हादसे में योगेंद्र विहार खाड़ेपुर निवासी गीता कश्यप की मौत की जानकारी के बाद से मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ था। बुधवार दोपहर एंबुलेस के सायरन ने मोहल्ले का सन्नाटा तोड़ा। परिजनों ने गीता का शव एंबुलेंस से बाहर निकाला तो बेटी बिलखते हुए बोल पड़ी मां तो बांके-बिहारी की भक्त थीं, माह में दो बार दर्शन को जाती थी तो फिर उन्होंने ऐसा क्यो किया… बेटी का करुण क्रदन सुनकर हर आखें नम हो उठी।
15 अगस्त को मथुरा में जर्जर छत गिरने से पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिसमें से तीन शहर के रहने वाले थे। घटना के बाद से मृतकों के आसपास के इलाकों में सन्नाटा पसरा हुआ था। रह-रह कर सिसकारियां गूंज रही थी। बुधवार को मृतकों का शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। खाड़ेपुर निवासी शिवनारायण कश्यप पत्नी गीता कश्यप, बेटे अभिषेक, बहू दुर्गा, बेटी शैफाली के साथ रहते थे। उनकी बड़ी बेटी अनामिका की शादी चार वर्ष पूर्व जरौली स्थित राहुल राय के साथ हुई थी। शिवनारायण अस्थाना बिल्डर्स में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। बीते चार दिन पूर्व वह पत्नी गीता, बेटी अनामिका व कंपनी के साथी जितेंद्र गुप्ता व उनकी पत्नी रश्मि के साथ ट्रेन से मथुरा-वृंदावन रवाना हुए थे। बेटे अभिषेक ने बताया कि सोमवार को बांके बिहारी के दर्शन के बाद मंगलवार को मां, बहन दोबारा दर्शन करने जा रहे थे, जबकि पिता व उनके साथी होटल में रूके हुए थे। इसी दौरान मंदिर से करीब 100 मीटर की दूरी पर जर्जर छत गिरने से मां गीता व बहन अनामिका चपेट में आ गई। जिससे मां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। बुधवार को परिजन मृतका के शव को लेकर घर पहुंचे व बेटी अनामिका को मधुराज नर्सिंग होम में भर्ती कराया।
कार न रूकती तो शायद बच जाती जान
हादसे को बयां करते हुए शिव नारायण ने बताया कि हादसे की जानकारी होते ही वह लोग मौके पर पहुंचे तो पत्नी व बेटी का कही पता नहीं चल रहा था। आस-पास के लोगों ने बताया कि जाम लगा होने के कारण एक कार रास्ते में फंस गई थी। वहीं जर्जर भवन की छत पर बंदरों का झुंड धमाचौकड़ी मचा रहा था। देखते ही देखते अचानक छत ढह गई, जिसकी चपेट में कुछ महिलाएं भी आ गई। जिसके बाद शिवनारायण जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डाक्टरों ने पत्नी को मृत घोषित कर दिया।
गनीमत रही कि बहू नहीं गई वरना उजड़ जाती खुशियां
मोहल्लेवासियों ने मृतका का बेटा अभिषेक नोएडा में एक कंपनी में कार्यरत है। घर में मौजूद बहू दुर्गा व बेटी शैफाली भी परिजनों के साथ जाने की जिद कर रहे थे। दुर्गा के गर्भवती होने के कारण परिजनों ने ट्रेन से ले जाने के लिए मना किया और दोबारा कार से चलने को कहा। जिस कारण दुर्गा व शैफाली घर पर हीं मौजूद थे। मोहल्लेवासी बोले की अगर बहू के साथ हादसा हो जाता तो आने वाली खुशियां भी उजड़ जाती।
रात की थी ट्रेन, दोबारा दर्शन की लालसा में पहुंची मंदिर
परिजनों ने बताया मृतका बांके-बिहारी की भक्त थीं। प्रत्येक माह में दो बार वह दर्शन करने मथुरा जाया करती थी। सोमवार को उन्होंने सभी के साथ दर्शन कर लिए थे, जिसके बाद वह होटल में लौट आए। 15 अगस्त को रात की ट्रेन से कानपुर वापस आना था। जिस पर मृतका गीता व रश्मि ने दोबारा दर्शन की इच्छा जताई और गीता, रश्मि व अनामिका दोबार मंदिर दर्शन करने पहुंच गईं, जिसके बाद हादसा हो गया।
छोटी बेटी की शादी की धूमधाम से कर रही थी तैयारी
दो बच्चों की शादी के बाद मृतका छोटी बेटी की धूमधाम से शादी करने की तैयारी कर रही थी। लोगों ने बताया कि बेटी के लिए वह अच्छा वर तलाश कर रहीं थी। शादी को यादगार बनाने के लिए गीता ने बेटी के बहुत सारे जेवरात इक्टठा कर रखा था। बताया कि गीता लोगों से कहती थी लाड़ली शैफाली की शादी इतनी धूमधाम से करेंगी की सब लोग याद रखेंगें।
ऊपर वाले ने बच्चों को कर दिया अनाथ
वहीं मूलरूप बिहार के जहानाबाद निवासी अजय कुमार की भी हादसे में मौत हो गई। अजय एटा में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। जूही बंबुरहिया निवासी कामेश्वर सिंह पत्नी सोमवती के साथ रहते है। कामेश्वर गोविंद नगर में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि बड़ी मेहनत से पढ़ा लिखा कर बेटे को इस काबिल बनाया था। बेटा बांके-बिहारी का भक्त था, जिस कारण अक्सर वह मथुरा जाता रहता था। वर्ष 2014 में उनकी शादी बिहार निवासी निक्की उर्फ श्वेता से हुई थी। उनके दो बच्चे आर्यन (7) व बउआ (5) है। 14 अगस्त को बेटे से फोन पर बात हुई थी, जिस पर उसने मथुरा जाने की बात कही थी। 15 अगस्त को घटना की जानकारी हुई तो बेटे को फोन मिलाया फोन बंद आने पर मन में बेचैनी होने लगी, कुछ देर बाद घटना की जानकारी हुई। बेटे की मौत से बिलखते हुए मां बोल पड़ी की ऊपर वाले ने आर्यन व बउआ के सिर से साया छीन लिया। मृतक का शव परिजन बिहार गांव ले गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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