बदायूं: बाबा की हत्या करने के आरोपी को आजीवन कारावास, जानिए पूरा मामला
दो साल पांच महीने में हुई सजा, कोर्ट ने मंगलवार को सुनाया फैसला
बदायूं, अमृत विचार। पुलिस महानिदेशक की पहल पर उत्तर प्रदेश में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन का असर दिखने लगा है। एसएसपी के आदेश पर बदायूं पुलिस की सशक्त व प्रभावी पैरवी की वजह से आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा रही है। हत्या के एक मामले में आरोपी को लगभग दो साल पांच महीने में सजा सुनाई गई। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट अखिलेश कुमार ने एक बाबा के हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये जुर्माना भी डाला है। जुर्माना की आधी धनराशि वादी को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली उझानी क्षेत्र के गांव संजरपुर गुलाल निवासी रूम सिंह पुत्र जसवीर सिंह ने पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि थाना उघैती क्षेत्र के गांव सोहरा निवासी उनके मामा रामचंद्र पुत्र प्रसादी ने सन्यास ले लिया था। वह बाबा बन गए थे। जो हर महीने 20 दिन रूम सिंह के पास और 10 महीने मांगकर खाते-पीते थे। 21 मार्च 2021 की सुबह लगभग साढ़े 10 बजे रामचंद्र उनके पास आए थे। साथ में कोतवाली उझानी क्षेत्र के गांव मिहाना निवासी मुखन पुत्र भोजराज भी था। वह दोनों कुछ देर रूम सिंह के पास बैठे और वहां से चले गए थे।
21 मार्च की सुबह लगभग छह बजे रूम सिंह को सूचना मिली कि उनके मामा रामचंद्र गांव मिहोना में मृत अवस्था में पड़े हैं। रूम सिंह अपने गांव के प्रधान सुमनवीर, शीलेंद्र और अन्य ग्रामीणों को लेकर गांव मिहोना पहुंचे थे। जहां रामचंद्र का शव खड़ंजे पर पड़ा था। रूम सिंह ने तहरीर में मुखन पर हत्या का आरोप लगा। कोतवाली उझानी पुलिस ने हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। कोर्ट में मुखन पुत्र भोजराज के खिलाफ मुकदमा चलाया गया। उझानी के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक विशाल प्रताप सिंह ने मामले की विवेचना की थी।
साक्ष्य और गवाहों के बयान संकलित करके कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। इसी बीच पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चला जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत इस मामले को चिंह्नित किया गया। पुलिस ने अभियोजन विभाग से समन्वय किया। मॉनीटरिंग सेल और पैरोकार उझानी के सिपाही उमेश ने सशक्त पैरवी करके अभियोजन पक्ष की कार्रवाई कराई। न्यायाधीश ईसी एक्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। एडीसी सुधीर कुमार मिश्रा व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी मुखन को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। जुर्माना की धनराशि जमा न करने पर तीन महीने का कठोर कारावास भुगतना होगा।
पुलिस महानिदेशक की पहल पर ऑपरेशन कन्विक्शन शुरू किया गया है। रामचंद्र की हत्या के इस केस को भी ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत चिंह्नित किया गया था। अभियोजन पक्ष से समन्वय किया। मॉनीटरिंग सेल और पैरोकार ने प्रभावी पैरवी की। कोर्ट ने हत्यारोपी को सजा सुनाई है। जिसमें लोक अभियोजक सुधीर कुमार मिश्रा, विवेचक प्रभारी निरीक्षक विशाल प्रताप और पैरोकार सिपाही उमेश का सराहनीय योगदान रहा है।
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