Kanpur के सभी स्ट्रीट लाइट पोल की होगी जांच, कहीं करंट तो नहीं आ रहा, नगर विकास मंत्री ने दिए ये निर्देश
कानपुर के सभी स्ट्रीट लाइट पोल की होगी जांच।
कानपुर के सभी स्ट्रीट लाइट पोल की जांच होगी। इसमें ये भी देखा जाएगा कि कहीं करंट तो नहीं आ रहा है। वाराणसी और लखनऊ में पोल में करंट उतरने से मौत होने के बाद नगर विकास मंत्री ने निर्देश दिए।
कानपुर, अमृत विचार। नगर निगम सीमा में लगी सभी स्ट्रीट लाइट पोल की जांच होगी। इसमें नगर निगम यह जांचेगा कि कहीं खंबे, तार या स्विच बॉक्स में करंट तो नहीं आ रहा है। वाराणसी और लखनऊ में पोल्स में करंट उतरने से हुई मौतों के बाद नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने नगर निगम कानपुर के अधिकारियों को यह निर्देश जारी किये हैं। नगर निगम का मार्ग प्रकाश विभाग बुधवार से शहर में जांच शुरू करेगा।
नगर में सवा लाख से ज्यादा स्ट्रीट लाइट के प्वाइंट हैं। जहां कई जगह खुले तारों के सहारे या डायरेक्ट भी लाइटें जलती हैं। नगर निगम के कर्मचारी तो कई पोल पर स्विच न होने की वजह से जुगाड़ से खुले तारों को जोड़ कर शाम को लाइट जलाने पहुंचते हैं। इससे खंबे में हमेशा करंट उतरने और हादसा होने का डर रहता है।
इसी को लेकर नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने नगर निगम कानुपर के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेसिग से बैठक कर निर्देश दिये हैं, यदि ऐसी स्थिति में किसी की मौत हुई तो उसकी जिम्मेदारी नगर निगम की होगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जोन वाइज टीमें बनाकर सभी पोल्स, स्विच बॉक्स, तालों की जांच करायें। ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। बैठक में नगर विकास मंत्री ने पिछले दिनों लखनऊ और वाराणसी में हुई मौतों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सवाल खड़ें करती हैं।
यह भी दिये निर्देश :
- अमृत सरोवरों का कार्य पूरा किया जाये
- गौशालाओं के संचालन के साथ नई गौशालयों को जल्द बनाया जाये
- मुख्य चौराहों और पार्कों का सुंदरीकरण किया जाये
- सड़क किनारे लगे पेड़ों को समय से छांटा जाये
- डेंगू की रोकथाम के लिये फागिंग कराया जाये
- नगर निगम को स्वीकृति धनराशि का उपयोग करें
- हर जोन में एक स्मार्ट वैंडिंग जोन का निर्माण किया जाये
- सफाई कार्य की नियमित जांच हो
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत किये जा रहे कार्यों की मॉनीटरिंग हो
नगर विकास मंत्री के निर्देश पर मार्ग प्रकाश मुख्य अभियंता को शहर की सभी स्ट्रीट लाइटों की जांच के लिए कहा गया है।- जगदीश यादव, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम
