लखनऊ: स्वास्थ्य विभाग का दावा- डेंगू से नहीं हुई थी महिला की मौत, बताई यह वजह...
लखनऊ। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में डेंगू से महिला की मौत होने के मामले के स्वास्थ्य विभाग ने जांच में डेंगू से मौत होने से इनकार किया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है जांच में आया कि गौतमपल्ली निवासी मृतका पवित्रा उपाध्याय (44) को आठ अक्टूबर को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। इसी दिन ट्रॉमा में उसकी डेंगू की जांच कराई गई थी। जो नेगेटिव आई। नौ अक्टूबर को महिला की मौत हो गई।
दावा है कि केजीएमयू की ओर से उपलब्ध कराए गए इलाज से सम्बंधित दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद उसकी मौत डेंगू से न होना पाया गया। बताया गया कि महिला मेटाबोलिक एसिडोसिस के साथ थ्रोम्बोसाइटोपेनिया व पाइरेक्सिया से ग्रसित थी। इसके अलावा रहीमाबाद के पांडेय खेड़ा निवासी सुनील कुमार (31) की भी मौत ग्रामीणों ने डेंगू से होना बताया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई जांच में पता चला कि उसे डेंगू नहीं था, बल्कि,मरीज की मृत्यु लीवर बढा होने, दाहिनी किडनी में पथरी, पेशाब की थैली में संक्रमण तथा पेट में पानी बढा होने के कारण हुई है।
डेंगू के 30 नए मरीज मिले, पांच को नोटिस
शहर में मंगलवार को भी डेंगू के 30 नए मरीज मिले हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि कोई भी मरीज गंभीर नहीं है। सभी का डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। सीएमओ प्रवक्ता योगेश रघुवंशी ने बताया कि नए मरीज अलीगंज, चन्दरनगर, सरोजनीनगर, इन्दिरानगर, और चिनहट में चार-चार, एनके रोड और रेडक्रास में दो-दो व सिल्वर जुबली और टूडियागंज सीएचसी क्षेत्र में तीन-तीन मरीज मिले हैं। इसके अलावा टीम ने 1040 घरों एवं आस-पास मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया। जिसमें से पांच पांच घरों में मच्छरजनित स्थितियां पाए जाने पर नोटिस जारी की गई है।
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