बरेली: इस साल पुलिस रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा महिला अपराध
तीन महीने बाकी, फिर भी पिछले दो साल के आंकड़ों को पीछे छोड़ा
बरेली, अमृत विचार। महिला अपराधों की तादाद अप्रत्याशित वृद्धि बरेली में अफसरों पर सवाल खड़े कर रही है। बलात्कार, लज्जा भंग, नाबालिग लड़कियों के अपहरण के साथ महिलाओं की हत्या तक के मामले पुलिस रिकॉर्ड में इस साल बढ़ गए हैं।
ढेर शिकायतें ये भी है कि तमाम दावों के बाद भी पुलिस महिला अपराधों के मामले में संवेदनशीलता दिखाने को तैयार नहीं है। सीबीगंज में छात्रा को ट्रेन के आगे फेंक देने के मामले में मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने तक थाने की पुलिस और अफसरों की बेपरवाही इसका सबसे बड़े उदाहरण के तौर पर सामने आई है।
जिले में जनवरी से सितंबर तक बलात्कार के 16, लज्जा भंग करने के 192 और नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने यानी अपहरण के 189 मामले दर्ज हुए हैं। इस बीच 17 महिलाओं की हत्या भी हुई है। दहेज के लिए भी 33 महिलाओं को मारा गया है। पिछले तीन सालों में महिला अपराधों का यह ग्राफ सबसे ज्यादा है।
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक महिलाओं की हत्या की घटनाएं 2021 और 2022 के मुकाबले ज्यादा हुई हैं। इसी तरह लज्जा भंग करने के 2021 में 185 और 2022 में 192 केस दर्ज हुए थे। इस साल 192 केस दर्ज हो चुके हैं जबकि साल पूरा होने में तीन महीने अभी बाकी हैं। नाबालिग लड़कियों के अपहरण के केस भी बढ़े हैं। इस श्रेणी में 2021 में 176 और 2022 में 215 केस दर्ज हुए थे। पॉक्सो एक्ट के मामले भी खूब बढ़े हैं। 2021 में 120 मामले और 2022 में 185 मामले दर्ज हुए जबकि इस साल नौ महीनों में ही 168 मामले दर्ज हो चुके हैं।
नाराजगी जताकर कार्रवाई का दिया निर्देश तो छात्रा की हालत देखने पहुंचे अफसर
सीबीगंज में 12वीं की छात्रा को छेड़खानी का विरोध करने पर ट्रेन के आगे फेंक देने से उसके दोनों पैर और एक हाथ कट जाने की घटना पुलिस-प्रशासन के अफसरों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब खुलासा हुआ है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब जिले के एक बड़े अफसर को खुद फोन करके नाराजगी जताई, तब कहीं अफसरों को होश आया और वे छात्रा को देखने अस्पताल पहुंचे।
बताया जा रहा है कि घटना जानकारी में आने के बाद मुख्यमंत्री ने सीधे जिले के एक वरिष्ठ अफसर को फोन कर नाराजगी जताते हुए आरोपियों के साथ दोषी पुलिस वालों पर भी कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। जिले के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि मुख्यमंत्री का फोन आते ही बड़े अफसर हिल गए। आनन-फानन छात्रा की हालत देखने पहुंचे और उसके बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराया। कमिश्नर और आईजी ने इसी बीच थाना सीबीगंज का भी निरीक्षण करने पहुंचे थे।
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