Kanpur News: जयपुरिया स्कूल के महोत्सव में मची भगदड़… मारपीट, बाउंसरों और सुरक्षाकर्मियों ने आपा खोया, पढ़ें- पूरी खबर
कानपुर के कैंट थानाक्षेत्र के जयपुरिया स्कूल के महोत्सव में भगदड़ मच गई।
कानपुर के कैंट थानाक्षेत्र के जयपुरिया स्कूल के महोत्सव में भगदड़ मच गई। बाउंसरों और सुरक्षाकर्मियों ने आपा खोया। घटना में महिलाएं, युवतियां व बच्चे चुटहिल हो गए।
कानपुर, अमृत विचार। छावनी थानाक्षेत्र में स्थित सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में वार्षिक तकनीकी- सांस्कृतिक- साहित्यिक महोत्सव कॉमफेस्ट में गुरुवार शाम रैपर पैराडॉक्स के कार्यक्रम में भगदड़ मच गई। बंद गेट के बाहर खड़े सैकड़ों युवक-युवतियों और उनके अभिभावक किसी तरह अंदर प्रवेश कर गए।
इस दौरान अंदर मौजूद बाउंसरों और सुरक्षा कर्मियों ने धक्का- मुक्की की जिससे वहां पर भगदड़ मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान घटना में कई लोग गिरकर चुटहिल हो गए।
कैंपस के अंदर की भीड़ जैसे ही बाहर की ओर जान बचाकर भागी तो बाहर खड़े लोगों ने ईंट-पत्थर चला दिए। सूचना पर करीब आधा घंटे बाद पहुंची पुलिस ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराया। घटना की कवरेज कर रहे एक फोटो जर्नलिस्ट को बंधकर बनाकर कैमरा छीनकर जमकर अभद्रता की गई।
शाम करीब सात बजे शुरू हुए महोत्सव कॉमफेस्ट में कलाकारों की एक झलक पाने के लिए शहर भर के युवक-युवतियां पहुंचे थे। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी शामिल होने आए थे। स्कूल प्रबंधन की ओर से कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था बरती गई। कार्यक्रम में सैकड़ों लोग कैंपस के अंदर कार्यक्रम का मजा ले रहे थे।
इस दौरान सैकड़ों युवक-युवतियां और अन्य लोग स्कूल के बाहर हाथ में पास लिए अंदर प्रवेश करने के लिए खड़े थे। उन लोगों को गेट में एंट्री नहीं दी जा रही थी। आरोप था कि रुपये लेकर उन लोगों को पास दिया गया। इसके बावजूद अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। उन लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
धक्कामुक्की के दौरान किसी तरह काफी लोग स्कूल कैंपस में प्रवेश कर गए। तभी कांउटरों के पास खड़े बाउंसरों, सुरक्षकर्मियों और स्कूल प्रबंधन के लोगों ने उन्हें लोगों को रोकते हुए अभद्रता शुरू कर दी। इस दौरान दोनों ओर से धक्कामुक्की शुरू हो गई। लोगों का आरोप था कि स्कूल प्रबंधन के सामने बाउंसरों और सुरक्षाकर्मियों ने उन लोगों को मारना पीटना शुरू कर दिया।
इस घटना में गिरकर कई महिलाएं, युवतियां और युवक चुटहिल हो गए। भगदड़ के दौरान कई लोग जमीन पर गिरे घायलों के ऊपर से गुजर गए। अंदर की भीड़ जैसे ही जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागी तो गेट के बाहर खड़े आक्रोशित लोगों ने ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया। घटना की कवरेज कर रहे अमृत विचार के फोटो जर्नलिस्ट मनोज तिवारी को स्कूल प्रबंधन ने बंधक बनाकर कैमरा छीन लिया। उन से जमकर अभद्रता कर बवाल की घटना की कवरेज की सारी फोटो डिलीट कराई गईं।
इसके बाद उन्हें प्रिंसिपल के कैमरे में बंद कर दिया गया। बाद में पुलिस आने पर वे मुक्त हुए। लोगों का आरोप है कि करीब आधा घंटे बाद पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन अफरातफरी में कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं था। चुटहिल लोगों के परिजन हंगामा काट रहे थे। पुलिस को कंट्रोल रूम से अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ गई। करीब दो घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
व्हील चेयर और गोद में लेकर बचाई जान
भगदड़ में गिरकर कई लोग दहशत में आ गए। साथ आए उनके परिजनों ने किसी तरह उन्हें उठाकर व्हील चेयर और गोद में उठाकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। घटना में कई महिलाओं और बच्चों को चोटें आईं हैं।
खींच के ले चलो कार्यालय में
फोटो जर्नलिस्ट मनोज तिवारी ने बताया कि भगदड़ की दौरान की फोटो खींचते ही स्कूल प्रबंधन के लोगों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद प्रबंधन के लोगों ने खींच कर ले जाने के लिए बाउंसरों और सुरक्षकर्मियों से कहा। काफी देर तक उन्हें कमरे में बंद कर रखा गया। उस दौरान वहां मौजूद अभिभावक भी बाउंसरों के आगे मदद नहीं कर सके।
सीसीटीवी में सब हुआ होगा कैद
कॉमफेस्ट महोत्सव के दौरान कार्यक्रम की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की जा रही थी। उस दौरान गैर जिम्मेदाराना हरकत करते हुए स्कूल प्रबंधन की ओर से लगाए गए बाउंसरों और सुरक्षकर्मियों ने लाठियां चला दीं। इस कारण भगदड़ मच गई। इतनी बड़ी लापरवाही के कारण किसी की भी जान जा सकती थी। अगर पुलिस सही से इस लापरवाही की जांच करे तो सीसीटीवी फुटेज में सब मिल जाएगा। नहीं तो वह डिलीट करा दिया जाएगा।
घटना को नकार रहा लापरवाह स्कूल प्रशासन
इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी स्कूल प्रशासन इसे नकार रहा है। उनका कहना है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है जिसके कारण कोई घायल हुआ हो। स्कूल में किसी प्रकार की कोई भगदड़ नहीं मची है। लोग झूठी अफवाह उड़ा रहे हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना की तस्वीरों को कैसे छिपाया जाएगा। यह तो पुलिस की जांच में पता चलेगा।
अंदर प्रवेश करने के लिए धक्कमुक्की हुई थी। एसएचओ फोर्स के साथ मौके पर थे। घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। पथराव की बात गलत है। अगर कोई तहरीर देता है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।- बृजनारायण सिंह, एसीपी कैंट
