हल्द्वानी: सवाल ये है कि 3 मजदूर जिंदा जल गए पर जवाबदेही किसकी ?

हल्द्वानी: सवाल ये है कि 3 मजदूर जिंदा जल गए पर जवाबदेही किसकी ?

हल्द्वानी, अमृत विचार। दीपावली की आधी रात नवाबी रोड पर रुद्राक्ष बैंक्वेट हॉल के पीछे कुमाऊं टेंट हाउस में आग लगने से तीन मजदूर जिंदा जलकर मर गए। प्रशासन, जिला विकास प्राधिकरण से लेकर अग्निशमन विभाग हर कोई अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटता दिखाई दे रहा है।

शहर में गली मोहल्लों में टेंट हाउस के नाम पर अवैध गोदामों का संचालन हो रहा है। जहां भविष्य में फिर एक चिंगारी ऐसे हादसों को जन्म दे सकती है। इसके बावजूद हादसे से सबक लेने के बजाय महकमे एक दूसरे के ऊपर जिम्मेदारी डालते दिख रहे हैं।

 हल्द्वानी में करीब 80 टेंट कारोबारी हैं। टेंट कारोबारियों को अपना सामान रखने के लिए गोदाम की जरूरत होती है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों से जब पूछा कि कितने टेंट कारोबारियों की एनओसी आपके यहां से दी गई है तो उन्होंने जवाब में बताया कि उनके विभाग से किसी भी टेंट कारोबारी ने एनओसी नहीं ली है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार ने बताया कि टेंट हाउस को एनओसी देने का काम नगर प्रशासन का है। उसके बाद ही अग्निशमन की एनओसी के लिए कहा जाता है। विभाग निरीक्षण के बाद ही एनओसी देता है। जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय ने बताया कि विकास प्राधिकरण का काम केवल भवन के लिए नक्शे की मंजूरी देना है। भवन की मंजूरी घरेलू और व्यावसायिक दो तरीके से दी जाती है।

अब अगर कोई घरेलू भवन बनाकर उसमें व्यावसायिक गतिविधियां कर रहा है तो नगर प्रशासन इस पर कार्रवाई करता है। कहा कि जहां तक अभी शहर में हुए अग्निकांड की बात है तो इसकी एनओसी अग्निशमन विभाग ही देता है। नगर प्रशासन की बात करें तो प्रशासन की नाक के नीचे इस तरह के अवैध गोदाम संचालित हो रहे हैं। प्रशासन की भी पूरी जवाबदेही इस अग्निकांड के प्रति बनती है। मामले में जब सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह को फोन करके प्रशासन का पक्ष जानना चाहा तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

अवैध गोदामों पर नकेल कसने को कोई नियम नहीं
हल्द्वानी। कुल मिलाकर जबावदेही के लिए कोई तैयार नहीं है। अगर इस तरह के अवैध गोदामों पर नकेल कसने के लिए अभी तक कोई ढंग का नियम नहीं है तो उसे बनाना चाहिए और अगर नियम है तो उसका सख्ती से पालन करना चाहिए। नहीं तो, इसी तरह सरकारी अधिकारियों की लापरवाही और गोदाम संचालकों के लालच के चलते लोग अपनी जान से हाथ धोते रहेंगे।  

एसोसिएशन का दावा 10 का, सीएफओ बोले जीरो
हल्द्वानी। महानगर टेंट व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष हर्षवर्धन पांडे का कहना है कि उनकी यूनियन में करीब 80 टेंट कारोबारी है। जिसमें से 10 कारोबारियों के पास फायर की एनओसी है जबकि सीएफओ गौरव किरार का कहना है कि उनके कार्यालय से किसी भी टेंट कारोबारी को एनओसी नहीं दी गई है। शायद इस हादसे के बाद एसोसिएशन के पदाधिकारी अपने सदस्यों को एनओसी के लिए जागरूक करेंगे। 

किसने क्या बोला

हमारा काम केवल भवन के नक्शे पास करना है। कोई घरेलू भवन बनाकर अगर बाद में उसमें व्यवसायिक काम करता है तो ये गैर कानूनी है। इस पर नियमानुसार कार्रवाई होती है।
 -पंकज उपाध्याय, सचिव, जिला विकास प्राधिकरण

टेंट कारोबारियों को एनओसी देने के लिए सबसे पहले फाइल नगर प्रशासन के पास जाती है। उनके कहने के बाद ही अग्निशमन विभाग एनओसी के लिए जाता है।
-गौरव किरार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, हल्द्वानी

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