बिक गया सहारा अस्पताल, 550 बेड वाले इस अस्पताल की स्थापना का था ये कारण, जानिए यहां क्या हैं सुविधायें

 बिक गया सहारा अस्पताल, 550 बेड वाले इस अस्पताल की स्थापना का था ये कारण, जानिए यहां क्या हैं सुविधायें

अमृत विचार लखनऊ। लखनऊ में मौजूद सहारा अस्पताल बिक गया है। इस अस्पताल को मैक्स हेल्थकेयर  ने अपने हाथों में ले लिया है। 550 बेड की सुविधा वाले इस अस्पताल की कुल डीलिंग 940 करोड़ में हुई है। इसमें 125 करोड़ रुपये मैक्स की ओर से सहारा ग्रुप को दे दिए गये हैं। बाकी रकम भी जल्द ही दे दी जायेगी। 

बता दें कि कंपनी ने स्टारलिट मेडिकल सेंटर प्राइवेट लिमिटेड (स्टारलिट) में 100 पर्सेंट हिस्सेदारी खरीदने के लिए शेयर परचेज एग्रीमेंट का ऐलान किया है। मैक्स ने 8 दिसंबर को अस्पताल की खरीद के समझौते पर साइन किया है। इसके बाद से अब इस अस्पताल पर मैक्स अस्पताल का मालिकाना हक हो गया है।  मौजूदा डील के हिसाब से स्टारलिट की एंटरप्राइज वैल्यू 940 करोड़ रुपये है। 

सुब्रत राय की मां छवि राय की थी इच्छा

अस्पताल खोले जाने की इच्छा सुब्रत राय की मां छवि राय की थी। जानकारों के मुताबिक उनकी मां की इच्छा थी कि सहारा ग्रुप का अस्पताल खुले जो काफी हद तक बेहतर हो। सुब्रत की मां छवि राय ने ही इस अस्पताल का इनॉगरेशन किया था। उस वक्त यह लखनऊ का सबसे बड़ा हॉस्पिटल था। हॉस्पिटल की शुरुआत 250 बेड से हुई थी, जो अब बढ़ते हुए 550 तक पहुंच गई। 

17 मंजिल और 17 एकड़ में है फैला

गोमती नगर स्थिति सहारा अस्पताल में 17 मंजिल हैं और ये 17  एकड़ में फैला हुआ है। खास बात ये है कि इस अस्पताल को देखते हुए लखनऊ में मेदांता और अपोलो जैसे अस्पतालों की स्थापना हुई है। सहारा अस्पताल में फीस तो मोटी ली जाती थी लेकिन यहां डॉक्टर अच्छे मरीजों को मिल जाते हैं। ऐसे में जो मरीज पैसा खर्च कर सकते हैं उनके लिए ये अच्छा विकल्प है। 

अस्पताल के कैंपस में चलता है नर्सिंग कॉलेज 

सहारा अस्पताल के कैंपस में ही नर्सिंग कॉलेज का भी संचालन किया जाता है। जहां जीएनएम, बीएससी और एमएससी जैसे कोर्स कराये जाते हैं। एक साथ करीब 125 मेडिकल छात्राओं को प्रशिक्षण मिलता है। इस अस्पताल में न्यूरो से लेकर गेस्ट्रो, सर्जरी, कार्डियोलॉजी और डायग्नोस्टिक्स की सुविधाएं उपलब्ध हैं। बड़ी संख्या में लखनऊ व आसपास के मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। 

इस वजह से बिका अस्पताल

सहारा ग्रुप के जानकारों के मुताबिक सुब्रत राय की मृत्यु के बाद पहली बार पहली बार कोई प्रापॅटी बिकी है। इसमें सहारा अस्पताल को लेकर इतनी जल्दी उम्मीद नहीं थी। बताया जा रहा है कि अस्पताल के बिकने का कारण वित्तीय संकट है जो कि सहारा ग्रुप के लिए मुश्किल हो रही थी।

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