बरेली: लापरवाही...बिना डाॅक्टर के मरीजों की हो रही डायलिसिस, संस्था के सीईओ पर FIR

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली. अमृत विचार: जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट में मरीजों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था। पीपीपी मोड में संचालित यूनिट में न तो डॉक्टर और न ही कर्मचारियों की नियुक्त की गई। इसके बावजूद डायलिसिस हो रही थी। अब लापरवाही सामने आने पर एडीएसआईसी डॉ. अलका शर्मा ने यूनिट संचालित कराने वाली हैरिटेज रीनलएज, लंका वाराणसी की सीईओ ऑपरेशन निदेशक डॉ. मुधुसूदन शर्मा के खिलाफ शनिवार की शाम कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।

आरोप है कि संस्था की ओर से एचडीआईएस, पीएमएनडीपी पोर्टल पर डायलिसिस का डाटा भी अपलोड नहीं किया जा रहा है। इस वजह से सीएम डैश बोर्ड से जिला अस्पताल को ई श्रेणी मिली। इस मामले में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के सख्ती के बाद जिला अस्पताल की मंडलीय अपर निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षका (एडीएसआईसी) ने कार्रवाई की।

एफआईआर में डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में पीपीपी मोड पर डायलिसिस यूनिट का संचालन कराया जा रहा है। यूनिट को मैसर्स हैरिटेज रीनलएज, लंका वाराणसी संचालित करती है। मशीन स्थापित होने के बाद जिला अस्पताल को संस्था की ओर से न तो कर्मचारी दिए गए और न ही डॉक्टर की नियुक्ति की गई।

कई बार पत्र भेजने के बाद भी संस्था के सीईओ डाॅ. मधु सूदन शर्मा ने कोई ध्यान नहीं दिया। संस्था लगातार लापरवाही बरत रही है। डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि बिना डाॅक्टर के डायलिसिस करना रोगियों के साथ धोखा है। इससे जिला अस्पताल और सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।

लापरवाही के चलते इस केंद्र को सीएम डैश बोर्ड से ई श्रेणी मिली है। हाल ही में विकास भवन में हुई बैठक में प्रमुख अधीक्षिका ने डीएम रविन्द्र कुमार से प्रकरण की शिकायत की। जिलाधिकारी ने सख्ती बरती और प्रमुख अधीक्षिका का वेतन रोकने के आदेश करते हुए संस्था के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

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