रायबरेली: आकाशीय बिजली गिरने से विद्युत आपूर्ति ठप, बिजली कर्मी झुलसा

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Edited By Amrit Vichar
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महराजगंज, रायबरेली। चंदापुर फीडर के 33 केवी उपकेंद्र पर आकाशीय बिजली गिरने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इस दौरान उपकेंद्र में लगे कई इंसुलेटर व उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए।  शुक्रवार को आकाशीय बिजली गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। इसके बाद बारिश में विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटा विद्युत् कर्मी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर अचेत हो गया। जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहीं चंदापुर फीडर के अंतर्गत आने वाले कई गांव में 24 घंटे से विद्युत आपूर्ति ठप होने से करीब 10 हजार की आबादी को मुश्किल उठानी पड़ रही है।

शुक्रवार की दोपहर से रुक-रुक कर हो रही बरसात देर रात तक होती रही। इस दौरान आकाशीय बिजली का प्रकोप भी रहा। आकाशीय बिजली चंदापुर स्थित 33/11केवी उपकेंद्र पर भी गिरी। जिससे उपकेंद्र के इंसुलेटर पंक्चर हो गये वहीं उपकेंद्र के अन्य उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए। जिससे डेपारमऊ फीडर के दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा आपूर्ति शुरू करने के लिए रात से ही लगे रहे। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने से विद्युत आपूर्ति ठीक कर रहा विद्युत कर्मी दहशत में आकर अचेत हो गया।

जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। आकाशीय बिजली गिरने से जहां रात से ही बिजली गुल रही। सुबह भी बिजली के दर्शन नहीं हुए। जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।अवर अभियंता भैया लाल ने बताया कि विभाग के तक्नीकी टीम उपकेंद्र में क्षतिग्रस्त उपकरणों को ठीक करने में लगी हुई हैं। उपकेंद्र के उपकरणों के ठीक होने तक आपूर्ति बाधित क्षेत्र की विद्युत सप्लाई दूसरे क्षेत्रों की लाइनों से जोड़ कर आपूर्ति बहाल की जा रही है।

आकाशीय बिजली से बचाव को नहीं लगे उपकरण

आकाशीय बिजली की वजह से अक्सर विद्युत उपकेंद्रों में खराबी आ जाती है। इसको लेकर दो साल पहले ही योजना बनाई गई थी कि सभी उपकेंद्रों में ऐसे उपकरण लगाए जाएंगे, जिसकी वजह से आकाशीय बिजली का प्रकोप न होने पाए। हालांकि विभाग इस योजना को आज तक अमलीजामा नहीं पहना सका। इससे बारिश के दिनों में अक्सर समस्या पैदा हो जाती है।

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