देहरादून: माउंट अकोंकागुआ फतह करेंगे राजेंद्र, डीजीपी ने फ्लैग ऑफ कर किया रवाना

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Edited By Amrit Vichar
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देहरादून, अमृत विचार। एसडीआरएफ के मुख्य आरक्षी राजेंद्र नाथ को दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट अकोंकागुआ (6961 मीटर) को फतह करने के लिए डीजीपी अभिनव कुमार ने पुलिस प्रतीक चिन्ह देकर शुक्रवार को रवाना किया। राजेन्द्र गणतंत्र दिवस पर इसे फतह करने का प्रयास करेंगे। 

डीजीपी ने कहा कि पर्वतारोहण एक साहसिक खेल है और एसडीआरएफ के प्रत्येक सदस्य के लिए ऐसे साहसिक खेलों का विशेष महत्व है। इस दौरान आईजी एसडीआरएफ ने बताया कि एसडीआरएफ ने सतोपंथ, भागीरथी,त्रिशूल व एवरेस्ट का सफल आरोहण किया है।

इन पर्वतारोहण अभियानों के माध्यम से मिले कौशल से एसडीआरएफ द्वारा ग्लेशियरों एवं ट्रैक रूटों में फंसे देश-विदेश के अनेक पर्वतारोहियों,ट्रैकरों एवं पर्यटकों को सकुशल रेस्क्यू किया गया है। विदेशी नागरिकों, पर्वतारोहियों के सफल रेस्क्यू कार्यों की कोरिया, अमेरिका इत्यादि देशों के दूतावासों ने भी एसडीआरएफ उत्तराखंड की प्रशंसा की है।

सीएम से मिले पर्वतारोही स्वर्गीय सविता के परिजन 
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में मरणोपरांत ‘तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहस पुरस्कार-2022’ से सम्मानित देवभूमि उत्तराखंड की बेटी पर्वतारोही स्वर्गीय सविता कंसवाल के पिता राधेश्याम कंसवाल ने सपरिवार भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समर्पण की भूमि है और इस धरा ने सदैव हमें प्रेरणा देने वाले व्यक्तित्व दिए हैं। स्वर्गीय सविता कंसवाल और उनका पूरा परिवार भी इस गौरवमयी यात्रा के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि उत्तराखंड की बेटी को साहस, दृढ़ संकल्प के लिए राष्ट्रीय गौरव स्वरूप राष्ट्रीय साहस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। स्वर्गीय सविता कंसवाल प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणापुंज के रूप में बनी रहेंगी।

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