बदायूं: अनुदान पर किसानों को मिलेंगे खरपतवार नाशक, जिले में 2.22 लाख हेक्टेयर में होती है गेहूं की फसल  

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Published By Vishal Singh
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गेहूं की फसल में बढ़ रही खरपतवार को रोकने के लिए कृषि विभाग किसानों को दे रहा अनुदान

बदायूं, अमृत विचार। कृषि विभाग गेहूं की फसल करने वाले किसानों को अनुदान पर खरपतवार नाशक दवाओं का वितरण करेगा। जो कि फसल में चौड़ी और संकरी पत्ती के खरपतवार की कमी को दूर करने में सहायक होगा। जिससे किसानों को इस समस्या से छुटकारा मिलेगा। इसका आवंटन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। 

जनपद में 2.22 लाख से अधिक हेक्टेयर में गेहूं की खेती की जाती है। इस फसल में चौड़ी पत्ती और संकरी पत्ती के खरपतवार हो जाता है।  किसानों के द्वारा फसल के लिए जो खाद और पानी दिया जाता है। इसका उपयोग फसल के पौधों के साथ-साथ खरपतवार भी करते हैं। इससे फसलों में पर्याप्त पोषक तत्व और पानी नहीं पहुंच पाता। नतीजा यह रहता है कि फसलों की पैदावार प्रभावित हो जाती है। 

कृषि अधिकारी ने बताया कि गेहूं की फसल में दो प्रकार की खरपतवार चौड़ी व संकरी पत्ती की होती है। संकरी पत्ती के खरपतवारों को नष्ट करने के लिए सल्फोसल्फ्यूरॉन-75% डब्ल्यूपी (13.5 ग्राम सक्रिय तत्व +500 एमएल साल्वेंट) तथा चौड़ी पत्ती के खरपतवारों के लिए मेटसल्फुरान मिथाइल -20% डब्ल्यूपी (8 ग्राम सक्रिय तत्व +200एमएल साल्वेंट) का उपयोग किया जाता है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि ब्लॉकों पर स्थित राजकीय कृषि रक्षा इकाइयों पर खरपतवार नाशक उपलब्ध हैं। जिससे किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि सल्फोसल्फ्यूरॉन का विक्रय मूल्य 221 रुपये तथा अनुदान 88 रुपये प्रति यूनिट और मेटसल्फुरान मिथाइल का विक्रय मूल्य 38 रुपये तथा अनुदान 15 रुपये प्रति यूनिट है। खरपतवार नाशक रसायनों के एक यूनिट के सक्रिय तत्वों को सॉल्वेंट में अच्छी तरह घोलकर 150 से 200 लीटर पानी में घोल बनाकर एक एकड़ क्षेत्र में छिड़काव करें। इससे खरपतवार में 20 से 30 फीसद की कमी आएगी। इसके साथ ही उनके द्वारा चेतावनी दी गई है कि अगर कोई दुकानदार खरपतवार पर किसानों को नकली प्रोडक्ट बिक्री कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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