रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले रोशनी में डूबा प्रयागराज, झालरों की लाइट से जगमगाया मंदिर और मकान
प्रयागराज, अमृत विचार। 22 जनवरी को होने वाले रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले संगम नगरी रौशनी से सराबोर हो गया। लोगों ने घरों और मंदिरों विद्युत झालरों से सजा दिया। देखकर यूं लगा मानो आसमान से तारे जमीं पर उतर आये हों। भगवान श्री राम का प्रयागराज से गहरा नाता है।
यहीं से प्रभु श्रीराम ने श्रृंग्वेरपुर घाट से नाव पर बैठकर चित्रकूट के लिए रवाना हुए थे। जिसेक बाद उनके 14 वर्ष के वनवास कि शुरुआत हुयी थी। प्रयागराज के श्रृंग्वेरपुर घाट, संगम, बंधवा हनुमान मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर कल्याणी देवी मंदिर समेत तमाम तीर्थ स्थलों को रौशनी से नहलाया गया है। 22 जनवरी की पूर्व संध्या पर तमाम मंदिरो और मठों में सफाई और रंगाई के साथ साज सज्जा किया गया।
इतना ही नहीं 22 जनवरी को सभी मंदिरो में भजन, पूजा पाठ और सुंदरकाण्ड का आयोजन किया गया है। बंधवा हनुमान व बाघंबरी मठ मंदिर के महन्त बलबीर गिरि के।मुताबिक मंदिर में सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यहां भी मंदिर में पूजा-अर्चना, भव्य श्रृंगार के अलावा सुंदरकाण्ड और भजन का आयोजन व प्रसाद वितरण होगा।
