शाहजहांपुर: अधूरी क्षमता के साथ चल रहा है एसटीपी प्लांट, नदियों में जा रहा सीवर

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Edited By Amrit Vichar
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मात्र कुछ मोहल्लों का सीवर ही जा रहा प्लांट में, बाकी का पिटों में डंप और नदियों में बह रहा

शाहजहांपुर, अमृत विचार। नगर निगम प्रशासन ने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को अधूरी क्षमता के साथ ही सुचारू कर दिया है। ऐसे में सिर्फ 20 लाख लीटर सीवर का ही प्रतिदिन शोधन हो पा रहा है जबकि महानगर में लगभग 90 लाख लीटर सीवर प्रतिदिन निकल रहा है। अभी तक कुछ घर ही प्लांट से जोड़े जा सके हैं जबकि 50 हजार से ज्यादा घरों को जोड़ना अभी शेष है। प्लांट के आसपास के घर ही इससे जुड़ सके हैं। बाकी सभी शेष हैं। सभी घरों को प्लांट से जोड़ने में कई महीने का समय लगने का अनुमान है।

कार्यदायी संस्था जल निगम को सीवर लाइन बिछाने और एसटीपी प्लांट लगाने का कार्य सौंपा गया है। इसके लिए शासन की ओर से 3 अरब, 77 करोड़, 51 लाख 48 हजार रुपये का बजट मंजूर हुआ है। शहर में 186 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है। इसका काम जून 2021 में शुरू हो गया था और 31 मई 2023 तक होना था। बावजूद इसके सीवर लाइन डालने का काम अब भी जारी है। अनियोजित ढंग से सीवर लाइन डालने के लिए की जा रही सड़कों की खुदाई से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

पहले जल निगम के अधिकारियों का कहना था कि दिसंबर 2023 तक सीवर लाइन डालने का काम पूरा करा लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अभी भी पूरी क्षमता के साथ प्लांट नहीं चल सका है। दूसरी ओर यहां अभी तक बिजली कनेक्शन होने के चलते भी परेशानी हो रही है। अभी तक यहां बिजली का कनेक्शन ही नहीं है। ऐसे में जनरेटर चलाकर काम चलाया जा रहा है, जिससे काफी पैसा सिर्फ डीजल पर ही खर्च करना पड़ रहा है।  

उधर, एसटीपी में वर्तमान में न के बराबर गंदा पानी ही पहुंच रहा है। इसमें किला, मघई टोटा आंशिक व अब्दुल्लागंज मोहल्लों में पड़ी सीवर लाइन का गंदा पानी शामिल है, जबकि केरूगंज, हनुमत धाम, बांसमंडी, जेल रोड, चारखंभा आदि स्थानों पर सीवर लाइन डालने का काम अधूरा है। इसके पूरा होने पर 70 प्रतिशत सीवर का गंदा पानी एसटीपी तक पहुंचने लगेगा और शोधन कर नदियों में छोड़ा जाएगा। हालांकि इस कार्य में अभी कई महीने का समय और लगेगा।  

मुख्यमंत्री के हाथों होगा लोकार्पण
भले ही प्लांट चलाने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। बहुत कम क्षमता के साथ प्लांट चल रहा है। इसका सबूत यह भी है कि अभी तक इसका लोकार्पण ही नहीं हुआ है। अभी तक प्लांट जनता को समर्पित ही नहीं किया गया है। सरकार ही के अधीन ही प्लांट चल रहा है। बताया जा रहा है कि प्लांट पूरी क्षमता से चलने में अभी कई और महीने का समय लग सकता है। काम पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सहित तमाम मंत्री यहां पहुंच कर लोकार्पण करेंगे।

नालों में बह रहा सीवर
महानगर में कई स्थानों पर वर्तमान में सीवर नालों में बह रहा है। यहां से यह सीवर नालों के जरिए नदियों में प्रवाहित हो रहा है। जिससे प्रदूषण फैल रहा है। मां कही जाने वाली नदियों का पानी दूषित हो रहा है। जल्द से जल्द सीवर नदियों में जाने से रोके जाने की जरूरत है। अगर समय से काम पूरा हुआ होता तो काफी पहले सीवर का नदी और नालों में प्रवाहित होने से रोका जा सकता था, लेकिन सीवर लाइन का काम समय से पूरा न होने के चलते अभी तक सीवर लाइन का काम पूरा नहीं हो सका है। जिसके चलते सीवर नदी और नालों में प्रवाहित हो रहा है।

सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में प्रतिदिन 20 लाख लीटर सीवर का शोधन किया जा रहा है। 30 हजार घरों को प्लांट से जोड़ने का लक्ष्य है। हमारा प्रयास है कि 31 मार्च तक काम पूरा कर लिया जाए ताकि पूरी क्षमता के साथ प्लांट चल सके। प्लांट में बिजली कनेक्शन जल्द से जल्द कराने का प्रयास है। पोल लगाए जा चुके हैं-कपिल एम सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम।

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