Allahabad university Video : चीफ प्रॉक्टर ने कहा-मुझसे बड़ा गुंडा कोई नहीं, तुम्हारी औकात क्या है, ऑडियो वायरल होते ही भड़के छात्र

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज, अमृत विचार। तुम गुंडई करोगे, तुम्हारी सारी गुंडई निकाल दूंगा। मुझसे बड़ा गुंडा कोई नहीं है। यह चीफ प्रॉक्टर के वायरल आडियो में साफ सुनने को मिल रहा है। चीफ प्रॉक्टर ने छात्र अभिषेक को कमरे में बंद के बुरी तरह से पीटा। उसके कपड़े उतरवा दिये गये। वह रोता रहा। माफ़ी मांगता रहा, मिन्नते करता मगर चीफ प्रॉक्टर उसे गालियां देने के साथ उसे मारते पीटते रहे। इसका आडियो भी वायरल हुआ है। आडियो वायरल होने बाद गुरूवार को मामले ने और तूल पकड़ लिया। हालाँकि अमृत विचार वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। अभी भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र और उनके समर्थक गेट पर  जमकर बवाल और हंगामा कर रहे हैं। छात्र गेट पर ताला बंद कर चीफ प्रॉक्टर को हटाए जाने की मांग पर अड़े हैं। गेट पर पुलिस और पीएसी का भारी बंदोबस्त है।
  
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के चीफ प्रॉक्टर और एसएसएल हॉस्टल के सहायक अधीक्षक के खिलाफ इविवि के छात्रों का आंदोलन पिछले तीन दिनों से चल रहा था। गुरूवार को छात्र अभिषेक को बुरी तरह पीटने और उसके कपड़े उतरवाने के मामले में चीफ प्रॉक्टर की एक आडियो वायरल होने के बाद  मामला गरमा गया। चीफ प्रॉक्टर पर छात्र को पीटने के साथ उसके कपड़े उतरवाने का आरोप लगाया गया है। इसके विरोध में छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को हटाए जाने और चौकी प्रभारी को निलंबित करने की मांग को लेकर हंगामा करते हुए गेट पर पहुंचकर तालाबंदी कर दिये। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस और पीएसी ने छात्रों को गेट के सामने से हटाने का भी प्रयास किया लेकिन छात्र एसएसएल के सहायक अधीक्षक, चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाने और चौकी इंचार्ज विनय सिंह के निलंबित करने की मांग को लेकर गेट पर अड़े रहे। 

छात्रों का कहना है कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने गंदे और घिनौने शब्दों का प्रयोग किया है। छात्र अभिषेक को बुरी तरह से पीटा है। उसके कपड़े उतरवाए गए हैं। शिक्षा के मंदिर में इस तरह का कार्य करने वाले प्रॉक्टर को विवि में रहने का कोई अधिकार नही है। यह अत्यंत दयनीय है। विवि मे इस तरह के प्रोफेसरो भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्हें यहां से हटाया जाये नहीं तो आंदोलन जारी रहेगा।

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