गोंडा: डीएम का बड़ा एक्शन, अपर उपजिलाधिकारी और तहसीलदार समेत 12 अधिकारियों को नोटिस, जवाब-तलब
सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जे समेत अन्य पुराने वादों के निस्तारण में शिथिलता पर भड़की जिलाधिकारी
गोंडा, अमृत विचार। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने अपर उपजिलाधिकारी प्रथम, अपर उपजिलाधिकारी द्वितीय, तत्कालीन उपजिलाधिकारी मनकापुर समेत सभी 4 तहसीलदारों और 4 नायब तहसीलदारों के साथ बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
पुराने वादों के निस्तारण में शिथिलता बरतने के चलते यह कार्यवाही की गई है। अपर उपजिलाधिकारी प्रथम, अपर उपजिलाधिकारी द्वितीय और तत्कालीन उपजिलाधिकारी मनकापुर राजीव मोहन सक्सेना समेत सभी नायब तहसीलदारों को तीन दिन में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, चकबन्दी वादों के निस्तारण में शिथिलता बरतने के लिए बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी को नोटिस भेजा गया है। उन्हें आगामी 09 मार्च को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत में चकबन्दी से संबंधित वादों का निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है। जिलाधिकारी ने गई मासिक समीक्षा में सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अनाधिकृत अध्यासन से संबंधित वादों के निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। जिसके चलते सभी चारों तहसील के तहसीलदारों को नोटिस भेजा गया है।
जिलाधिकारी ने धारा 132 की भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित समस्त लम्बित वादों का निस्तारण आगामी 4 मार्च को प्रस्तावित लोक अदालत में अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं की जाएगी। नायब तहसीलदार परसपुर जय शंकर सिंह, नायब तहसीलदार हलधरमऊ संतोष कुमार यादव, नायब तहसीलदार नवाबगंज रंजन वर्मा, नायब तहसीलदार डिक्सिर चन्दन को नोटिस दी गई है।
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