Kanpur: कांग्रेस को दूसरी सीट देकर सपा अमिताभ को उतारेगी! अजय कपूर के भाजपा में जाने से बदले लोकसभा सीट के समीकरण

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, विशेष संवाददाता। कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय कपूर के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने से कानपुर सीट पर प्रत्याशी को लेकर सपा-कांग्रेस गठबंधन में पुनर्विचार शुरू हो गया है। गठबंधन अब नये प्रभावशाली चेहरे की तलाश में है। समाजवादी पार्टी में यह मंथन शुरू हो गया है अजय कपूर के जाने से साफ है कि कानपुर संसदीय क्षेत्र में तीन विधायक और मेयर के चुनाव में सम्मानजनक वोट हासिल करने के कारण सपा का दायरा कांग्रेस से कहीं ज्यादा है।

ऐसे में यूपी में कांग्रेस के मनमुताबिक कोई अन्य सीट देकर सपा से ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने पर विचार चल रहा है। सपा के अंदरूनी सूत्र कहते हैं कि यह विकल्प पार्टी ने खुला रख छोड़ा है। सीट समायोजन से मामला सुलटाया जा सकता है। कानपुर संसदीय क्षेत्र में मुस्लिम और ब्राह्मण मिलाकर करीब सात लाख से ऊपर वोट है। 

लोकसभा चुनाव में मुस्लिम वोटर सपा या फिर कांग्रेस के पीछे खड़ा बताया जाता है बशर्ते प्रत्याशी दमदार होना चाहिए। कांग्रेस से आलोक मिश्रा, पवन गुप्ता, नरेश चंद्र त्रिपाठी, मदनमोहन शुक्ला सरीखे नाम चर्चा में है। लेकिन सपा ऐसे किसी भी प्रत्याशी पर दांव लगाने में थोड़ा हिचकिचा रही है। 

ऐसे में उसके प्रत्याशी आर्यनगर से विधायक अमिताभ वाजपेयी हो सकते हैं। सपा नेताओं का कहना है कि विधानसभा चुनाव में अजय को छोड़कर कांग्रेस के सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त होना और मेयर के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी आशनी अवस्थी का 80 हजार वोटों में सिमट जाना, प्रमाण है कि कानपुर अब कांग्रेस के बस की बात नहीं है। भाजपा के बाद यहां सपा ही दूसरे नंबर की पार्टी है। 

अजय कपूर का स्वागत- महेश त्रिवेदी

किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी का कहना है कि अजय का भाजपा में आना पार्टी का फैसला है। उनका स्वागत है। भाजपा का लक्ष्य कांग्रेस को समाप्त करने का है, ऐसे में अजय कपूर के आने से कानपुर में कांग्रेस लगभग समाप्त है।

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