सुलतानपुर: राम राज्य लाना है तो राम बन जाइये ..., फागोत्सव कार्यक्रम का हुआ आयोजन

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Edited By Amrit Vichar
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फाग महोत्सव के अंतर्गत फगुवा गायन और कवि सम्मेलन संपन्न

बल्दीराय, सुलतानपुर, अमृत विचार। सुजान साहित्य एवं समाज कल्याण समिति जरई कलां द्वारा फागोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तीन फगुवा की टीमों द्वारा चौताल, डेढ़ ताल, उलार और धमार गीतों का गायन प्रस्तुत किया गया। फगुआ गायन टीमों के साथ कुल सात साहित्यकारों को साहित्य पुरोधा ,अवधी गौरव, अनागत साहित्य मार्तंड सम्मान से सम्मानित किया गया। 

आयोजक राम दुलारे सिंह सुजान की पुस्तक होली के रंग अवधी के संग का विमोचन किया गया। पुस्तक विमोचन के बाद कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। लखनऊ से आई कवियत्री कुसुम वर्मा का गीत, बेटी तो धान कै फसल, बोयो कहूं रोप्यउ कहूं कल... पढा तो पूरा पांडाल तालियों से गूंज उठा। बाराबंकी से आये कवि सोभित यादव की ओज पूर्ण कविता, देश की सीमाओं के रक्षक कवच जो हैं, सरहदों पर खड़े उन जवानों को नमन है.. पढ़कर तालियां बटोरी।

पूर्व डीएसपी डॉ सत्या सिंह की गीत एक बाबू जी जो घर को जमाने में लगे थे। इज्जत जमीर के लिए जागीर बेंच दी। आये न आंच हमपे शमशीर खींच ली। हम चैन की वंशी जब बजा रहे थे। हास्य कवि श्रीकृष्ण द्विवेदी अज्ञान की कविता, राम राज्य लाना कोई खेल व तमाशा नहीं, राम राज्य लाना है तो राम बन जाइये... श्रोताओं द्वारा सराही गयी। संचालन हास्य कवि अल्हड़ गोंडवी ने किया। इस मौके पर पूर्व प्रबंधक समाजसेवी रवींद्र प्रताप सिंह, राज प्रताप सिंह, राजा सिंह, एडवोकेट राकेश सिंह बबलू, शिव सेवक सिंह, सुधा सिंह, कंचन सिंह आदि रहे। 

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