हल्द्वानी: प्रमाण पत्र बनाने को भटक रही जनता, लेखपाल एक माह से प्रमाण पत्र बनाने का कर रहे हैं बहिष्कार

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। लोकसभा चुनाव का मतदान समाप्त हो गया है, लेकिन लेखपालों का प्रमाण पत्र बनाने का बहिष्कार बदस्तूर जारी है। इस वजह से प्रमाण पत्र समय से नहीं बन पा रहे हैं। हालांकि अमीन प्रमाण पत्र बना रहे हैं। पर्याप्त संख्या नहीं होने से जनता को परेशानी हो रही है।

जनपद में लेखपालों के 50 स्वीकृत पद हैं और इन पदों के सापेक्ष लगभग 22 लेखपाल ही तैनात हैं, जबकि 28 पद रिक्त हैं। लेखपालों को प्रमाण पत्र बनाने के साथ राजस्व संबंधी कई काम करने पड़ते हैं। इसको लेकर लेखपाल संघ की एक बैठक हुई थी। इसमें सर्वसम्मति से हरिद्वार की तर्ज पर अमीनों से प्रमाण पत्र बनवाने, नैनीताल व ऊधम सिंह नगर के राजस्व निरीक्षकों को एक-एक तकनीकी दक्ष पीआरडी कर्मी देने की मांग की गई थी।

साथ ही प्रमाण पत्र बनाने का बहिष्कार का फैसला लिया गया था। इसके बाद लगभग 20 मार्च को जिलाधिकारी ने आदेश दिए थे कि अमीन आय, स्थाई, मूल निवासी समेत अन्य प्रमाण पत्र बनाएंगे।  इधर, जिले में 20 ही अमीन हैं, जबकि काम का बोझ अधिक है। संभावना जताई जा रही थी कि मतदान के बाद लेखपाल प्रमाण पत्रों का बहिष्कार वापस लेकर काम संभाल सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।

अभी भी अमीन ही प्रमाण पत्र बना रहे हैं। लालकुआं व हल्द्वानी तहसील में रोजाना 300 से 400 आवेदन विभिन्न प्रमाण पत्रों के आते हैं। ऐसे में जनता को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि अमीनों के जरिए काम हो रहा है। 

एसडीएम परितोष वर्मा ने बताया कि एक माह से अधिक समय से लेखपालों ने प्रमाण पत्र बनाने का बहिष्कार किया है, उनके स्थान पर अमीन प्रमाण पत्र बना रहे हैं। जनता को कोई भी परेशानी नहीं होने दी जा रही है। यदि किसी को शिकायत तो एसडीएम कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। 

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