Etawah: पति की हत्या में पत्नी व प्रेमी को मिला आजीवन कारावास; कोर्ट ने लगाया तीस-तीस हजार रुपये का जुर्माना

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Edited By Amrit Vichar
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चार साल पूर्व गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंक दिया था

इटावा, अमृत विचार। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम कोर्ट नंबर सात आलोक कुमार श्रीवास्तव ने चार साल पुराने हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए पत्नी व उसके प्रेमी को हत्या का दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने दोनों को आजीवन करावास की सजा सुनाई। 

इसके अलावा कोर्ट ने दोनों पर तीस तीस हजार रूपया का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें एक एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना पडेगा। प्रेम संबंध में बाधक बनने पर पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया था। 

जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता योगेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि बसरेहर थाना क्षेत्र के गांव जैतपुर तोता राम निवासी सर्वेश कुमार पुत्र श्याम लाल ने फ्रेंड्स कालोनी थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी में बताया कि उसका छोटा भाई चंद्र पकाश उर्फ  गुड्डन उम्र करीब 33 वर्ष अपनी पत्नी पूजा उर्फ रमन के साथ शहर के मोहल्ला शांति कालानी में किराए पर कमरा लेकर रहता था वह मेहनत मजदूरी कर पेट पालता था। 

26 जुलाई 2019 को चंद्र प्रकाश उसके चाचा की तेरहवी में शामिल होने के लिए गांव आया था शाम को वह वापस लौट गया। वह दस दिन बाद उससे मिलने के लिए गया तो वह घर पर नही मिला। पूछने पर पूजा कोई सही जबाब नही दे सकी। बाद में पूजा कमरे में ताला डालकर फरार हो गई।  वह अपने भाई की खोजवीन में लगे रहे लेकिन उनका कोई  पता नही चल सका। 3 अगस्त 2019 को बकेवर क्षेत्र में नहर में एक शव मिला। 

काफी दिनों बाद जब उसे जानकारी हुई तो वह परिवार के लोगों के साथ गया तो कपडों से उसकी शिनाख्त चंद्र प्रकाश के रूप में की। जबकि उसके शव को अज्ञात मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इस सम्बंध में उसने थाने में तहरीर दी । पुलिस ने तहरीर के आधार पर पुलिस ने पत्नी पूजा उर्फ रमन व उसके प्रेमी आदित्य मिश्रा पुत्र बृज बिहारी निवासी दतावली के खिलाफ हत्या ,शव को गायब करने की धाराओं में रिपोर्ट  दर्ज की गई। 

पुलिस ने जांच क बाद पूजा व आदित्य को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि चंद्र पकाश उसके प्रेम संम्बंध में बाथक बन रहा था वह पूजा के साथ मारपीट करने लगा था। इससे परेशान होकर दोनों ने उसकी हत्या करने का प्लान बनाया। 

प्लान के अनुसार उन्होने पहले चंद्र प्रकाश को शराब पिलाई बाद में दतावली नहर के पास ले जाकर उसकी गमछे से गलाकर हत्या कर दी और शव को नहर में डाल दिया। बाद में पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए। 

मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता योगेंद्र परिहार ने मामले की पैरवी की। उनके द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पूजा व आदित्य मिश्रा को हत्या व शव गायब करने का दोषी पाया दोषी पाए जाने पर दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई व तीस तीस हजार रूपया का जुर्मानाभी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। 

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