बरेली: पहले पैसा.. फिर शहर की सड़कों पर लगती हैं फड़, ये हैं पुलिस के रेट

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली,अमृत विचार। नगर निगम और बीडीए की अनदेखी से सड़कों के खोखे सीमेंट और सरिया से बनकर पक्के हो गए। वहीं, पुलिस ने फड़ लगाने की जगहों का ही सौदा कर दिया है। शहर का कोई भी थाना हो, जब तक फड़ और ठेला लगाने वाला बीट सिपाहियों को महीना नहीं देता तब तक उसका …

बरेली,अमृत विचार। नगर निगम और बीडीए की अनदेखी से सड़कों के खोखे सीमेंट और सरिया से बनकर पक्के हो गए। वहीं, पुलिस ने फड़ लगाने की जगहों का ही सौदा कर दिया है। शहर का कोई भी थाना हो, जब तक फड़ और ठेला लगाने वाला बीट सिपाहियों को महीना नहीं देता तब तक उसका ठेला वहां नहीं लग सकता। इन फड़ और ठेले वालों से लाखों रुपये महीना कमाई होती है।

शहर के दस थाना क्षेत्र में पुलिस के बीट सिपाहियों ने अतिक्रमण करवा दिया है। वे अपने फायदे के लिए दिनभर जाम लगाने से भी गुरेज नहीं करते हैं। नवरात्र, दशहरा, करवा चौथ और दीपावली पर शहर में लोग खरीदारी करने जुटते हैं। वहीं, पुलिस फड़ और ठेले वालों से मोटा महीना लेकर उन्हें वहां खड़े होने की अनुमति देती है।

पीलीभीत रोड हो या नैनीताल रोड, सिविल लाइंस हो या डीडीपुरम, सुबह से शाम तक यहां ठेले वाले सड़क पर अवैध रूप से खड़े होकर जाम लगाते हैं। इतना ही नहीं शाम होते ही डीडीपुरम में मीट-मछली और अंडे के ठेले लग जाते हैं। लोग लग्जरी कारों में वहां आते हैं और जाम छलकाते हैं। फिर वहां से चले जाते हैं। सिविल लाइंस में अतिक्रमण कर फड़ लगाने वाले प्रमुख चाट वाले मोटी रकम पुलिस को देते हैं। साथ ही उनके लिए सामान भी मुफ्त उपलब्ध रहता है। एक हजार से पांच हजार रुपये तक महीना हजारों ठेले और फड़ वाले पुलिस को देते हैं।

कहां कितना रेट
– सिविल लाइंस में एक से पांच हजार रुपये महीना
– सर्किट हाउस मोड़ और गांधी उद्यान में तीन हजार रुपये महीना
– डीडीपुरम में दो से पांच हजार रुपये महीना
– नारियल पानी बेचने वाले से 2500 रुपये महीना
– डेलापीर और उसके आस-पास तीन से पांच हजार रुपये महीना

“इस मामले की जांच कराई जाएगी। यदि कोई पुलिस वाला परेशान कर रहा है तो उसकी शिकायत मुझसे सीधे की जा सकती है। वसूली करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।” -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

संबंधित समाचार