Kanpur: बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दोनेरिया बोले- बजरंगियों का भोजन है चुनौतियां

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। सेठ मोतीलाल खेड़िया सनातन धर्म कॉलेज विष्णुपुरी में दो जून तक चलने वाले कानपुर प्रान्त के बजरंग दल शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का श्रीगणेश रविवार को पनकी हनुमान मंदिर के महंत जितेन्द्रदास ने किया। बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दोनेरिया ने विहिप प्रांत कार्याध्यक्ष डॉ. उमेश पालीवाल की उपस्थिति में शुरू हुये वर्ग में दोनेरिया ने प्रशिक्षुओं से कहा कि, हिंदू जीवन मूल्य की रक्षा के लिये 8 अक्टूबर 1984 में बजरंग दल अस्तित्व में आया। बजरंग दल परिचय का मोहताज नहीं है। 1994 में बजरंग दल का अधिवेशन हुआ। उसमें बजरंग दल को देश के युवाओं को जोड़ने का कार्य करने और राष्ट्रहित में उन्हें जोड़ने का संकल्प मिला। 

1995 में यासीन मलिक ने धमकी दी जो अमरनाथ यात्रा करने आएगा वह जिंदा नहीं जाएगा, चुनौती बजरंग दल का भोजन है। बजरंग दल ने 50 हजार बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से आवाहन किया कि वह सिर में भगवा कफन बांधकर यात्रा पर चलें। उन 50 हजार बजरंगियों को देखकर एक लाख हिंदू समाज अमरनाथ यात्रा में साथ-साथ चल दिया। 

डॉ. पालीवाल ने कहा कि, प्रशिक्षण वर्ग में हिन्दू तरुणाई को मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक स्तर पर राष्ट्र धर्म और समाज के लिये जाग्रत किया जाता है। प्रशिक्षण वर्ग में प्रांत संगठन मंत्री परमेश्वर, प्रांत सह कोषाध्यक्ष गौरांग, बजरंग दल प्रांत संयोजक आचार्य अजीतराज, तीनों प्रांत सह संयोजक अमरनाथ, अवधेश शर्मा और शुभम कौशिक समेत बड़ी संख्या में वीर बजरंगी उपस्थित रहे।

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