गर्मी के टॉर्चर से लोग परेशान, अगले कुछ दिन राहत के आसार नहीं- फॉलो करें Experts की यह सलाह
लखनऊ, अमृत विचारः शहर में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। चिलचिलाती गर्मी और तेज धूप की वजह से लोगों का बाहर निकलना तक मुश्किल हो रहा है। सोमवार को दोपहर में 43 डिग्री तापमान रहा। वहीं चार से पांच दिन पर इस गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग की ओर मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ में अगले 48 घंटे भीषण गर्मी रहेगी। ऐसे में शरीर को हाईड्रेट रखने की जरूरत है। गर्मी की वजह से शरीर में पानी की कमी शरीर में सिर्फ डीहाइड्रेशन लेकर नहीं आती है, बल्कि शरीर में कई तरह की परेशानियां लेकर आती हैं। पानी की कमी से शरीर को कमजोर बनाने के साथ-साथ कई तरह की बीमारियां लेकर भी आता है जैसे कि ड्राई स्किन, कब्ज, सर दर्द, हाथ और पैरों में अकड़न आदि शामिल हैं।
पानी की कमी से क्या परेशानी
यूटीआई इंफेक्शन
वरिष्ठ डॉक्टर्स का मानना है कि शरीर में पानी की कमी से लोगों को यूरिन इंफेक्शन हो सकता है. पानी की वजह से शरीर का टम्प्रेचर, पीएच लेवल आदि बैलेंस रहता है. इसके अलावा जब शरीर में पानी की मात्रा भरपूर रहती है तो शरीर में कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया से भी लड़ने में मदद करता है। पानी की कमी की वजह से शरीर में पीएच लेवल और तापमान डिसबैलेंस हो जाता है, जो यूटीआई की समस्या में बदल जाता है।
किडनी में पथरी
किडनी का काम ब्लड में जमी टॉक्सिन्स को दूर करने का है, लेकिन पानी की कमी की वजह से ऐसा नहीं हो पाता है। इसकी वजह से किडनी का काम प्रभावित होता है, जो आगे चल कर पथरी में बदल जाता है।
लो ब्लड प्रेशर
वैसे तो लो बीपी कई वजह से हो सकता है, लेकिन इसकी एक वजह पानी की कमी की वजह से भी हो सकता है. क्योंकि जब कोई पर्सन कम पानी पीता है तो बॉडी में का सर्कुलेशन सही से नहीं हो पाता है. पानी ब्लड ब्लड के लिए एक होल्डर का काम करता है और बल्ड को हर जगह पहुंचाने में मदद करता है.
पिएं ज्यादा से ज्यादा पानी
ऐसी चिलचिलाती गर्मी में लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए और पानी वाली फल को सेवन करना चाहिए, जिससे बॉडी का वॉटर लेवल मेंटेन रह सके। एक व्यक्ति को दो से तीन लीटर पानी पीना चाहिए, वहीं अगर ऐसी गर्मी में बाहर ज यादा रहते हैं तो पानी दो-तीन लीटर से और भी ज्यादा पिए।

ज्यादा तापमान है घातक
मानव शरीर ज्यादा से 98.6 फारेनहाइट या दूसरे शब्दों में कहा जाए तो 37 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान सहन कर सकता है। जब टम्प्रेचर इसके पार पहुंच जाता है, तो उसे बुखार कहा जाता है. ऐसे में बढते तापमान, चिलचिलाती धूप और लू की स्थिति में हाइपरथर्मिया जैसी परेशानी हो सकती है, जो एक हद के बाद जानलेवा हो सकता है. वहीं एक्पर्ट्स की माने तो मानव शरीर सबसे ज्यादा 42.3 डिग्री सेल्सियस तक सहन कर सकता है। इसके उपर तापमान जाने के बाद शरीर में प्रोटीन विकृत हो जाता है साथ ही मस्तिष्क को अपूरणीय क्षति पहुंचाता है. इसमें व्यक्ति को भ्रम, दौरे और चेतना की हानी होने तक का अनुभव होने लगता है। तापमान लगातार हर दिन अपना रिकॉर्ड टूड रहा है।
हीटवेव शरीर को करता है डैमेज
विषेशज्ञों का कहना है कि दिनभर धूप में रहने की वजह से बॉडी में कई तरह की बीमारियां तो आती ही हैं। यह शरीर के कई हिस्सों को भी प्रभावित करता है। इसमें किडनी, हार्ट, लंग्स और अदर पार्ट भी शामिल हैं।
- डिहाइड्रेशन की वजह से किडनी पर स्ट्रेस पड़ने लगता है।
- टेम्प्रेचर में लगातार बदलाव होने की वजह से हार्ट को ज्यादा ब्लड पंप करना पड़ता है, जो अत्यधिक गर्मी में रहनी की वजह से हार्ट अटैक तक को दावत दे रहा है।
- गर्मी में अस्थमा के मरीजों की भी परेशानी काफी बढ़ जाती है। ड्राई एयर या फिर हीटवेव लंग्स पर सीधा प्रभाव डालते हैं।
- गर्मी में स्किन ड्रैमेज के भी काफी मामले आते हैं। गर्मियों में फंगल इंफेक्शन, हीट रैश और सनबर्न की समस्या काफी हद तक बढ़ जाती है।
- पाचन तंत्र पर भी पड़ता है प्रभाव
- हीटवेव की वजह से शरीर की मसल्स क्रैम्प की शिकायत काफी बढ़ जाती है।
कैसे करें बचाव
- टाइम-टाइम पर पानी पिए
- शराब का सेवन न करें यह शरीर को डिहाइड्रेटिड कर देता है
- कार्बोनेटिड वॉटर के इस्तमाल से बचें
- खाली पेट बाहर न जाएं
- खानपान का ध्यान रखें
- जरूरी न हो तो धूप में बाहर न निकलें
- बासी खाने से बचें
- पानी की बॉटल साथ रखें, कुछ न कुछ हर एक घंटे में खाएं
- धूप में निकलते वक्त शरीर पर सन्सक्रीम का इस्तेमाल करें
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