Kanpur: टेढ़-मेढ़े पैरों से न हों परेशान, इलाज से मिलता आराम...हैलट की आर्थो ओपीडी में एक हफ्ते में पहुंच रहे इतने मरीज
क्लब फुट एक प्रकार की पैर से संबंधित जन्मजात विकृति
कानपुर, अमृत विचार। क्लब फुट एक प्रकार की पैरों से संबंधित जन्मजात विकृति है, जिसमें जन्म के समय से ही बच्चे का पैर उसके सामान्य आकार का नहीं होता है। बच्चों के पैर बाहर की ओर या अंदर की ओर मुड़े होते हैं, जो यह नवजात में पाई जाने वाली आम विकृति है। यह हड्डियों और जोड़ों से संबंधित है। ऐसे में अभिभावक को जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष तीन जून को क्लब फुट दिवस मनाया जाता है। वहीं, समय पर नवजात को लेकर हैलट अस्पताल पहुंचने पर पैरों का टेढ़ापन दूर हो जाता है।
हैलट अस्पताल के आर्थो विभाग की ओपीडी में एक सप्ताह में करीब 15 से 20 बच्चे क्लब फुट की समस्या से ग्रस्त आते हैं। इन बच्चों के पैर का आकार टेढ़-मेढ़ा होता है, जो जन्म के बाद ही नजर आने लगते है। ऐसे में अगर अभिभावक लक्षणों को नजर अंदाज करते है तो फिर बच्चों में दिक्कत बढ़ जाती है। आर्थो विभाग के वरिष्ठ सर्जन डॉ.रवि गर्ग ने बताया कि क्लबफुट सामान्य भी हो सकता है और कुछ परिस्थितियों में यह स्थिति गंभीर भी हो सकती है। यह नवजात के एक पैर या दोनों पैरों में भी दिखाई दे सकती है।
पैर की मांसपेशियों को पैर की हड्डियों से जोड़ने वाले टेंडेंस के छोटे और तंग होने के कारण यह विकृति होती है, जिस कारण शिशु का पैर अंदर की तरफ मुड़ जाता है। अगर गंभीर स्थिति न हो तो बच्चे को प्लास्टर लगाकर ठीक किया जा सकता है। वरिष्ठ आर्थो सर्जन डॉ.फहीम अंसारी ने बताया कि कभी-कभी कुछ बच्चों में प्लास्टर लगाने के बाद भी पैरों में पूरी तरह से टेढ़ापन दूर नहीं होता है।
जब क्लब फुट ज्यादा गंभीर स्थिति में होता है तो ऐसी स्थिति में बच्चे के लिए सर्जरी बेहतर विकल्प हो जाता है। सर्जरी में बच्चे के पैर के टेंडेंस, लिगामेंट्स, हड्डियों और जोड़ों को उनकी सही जगह पर किया जाता है। सर्जरी के बाद बच्चे को काफी आराम मिलता है और उसे चलने-फिरने में भी अधिक दिक्कत नहीं होती है।
जन्म से एक माह का समय काफी महत्वपूर्ण
डॉ.फहीम अंसारी ने बताया कि अगर जन्म के समय किसी बच्चे के पैर में टेढ़ापन हो तो उसे आम समस्या बिल्कुल नहीं समझनी चाहिए। यह क्लबफुट का संकेत हो सकता है। एक या दो सप्ताह में इसके लक्षण पैरों में दिखने लगते है। ऐसे में बिना समय गवाएं अभिभावकों को हैलट के आर्थो विभाग में इलाज के लिए आना चाहिए। ताकि समय पर आने पर स्थिति को विकराल रूप लेने से बचाया जा सके और पैरों का टेढ़ापन दूर हो। अभिभाव बच्चे को जन्म से एक माह तक लाते है तो बच्चे के पैर ठीक होने की संभावना अधिक होती है। लेकिन यही अगर अभिभावक खुद तेल मालिश कर उसे सही करने के प्रयास में समय गवाते है तो बच्चे की दिक्कत बढ़ती है। हैलट में क्लब फुट से ग्रस्त बच्चे को निशुल्क प्लास्टर लगाया जाता है।
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