बदायूं: शव उठाने के मांगे रुपये तो फार्मासिस्ट ने युवक को बेरहमी से पीटा
युवक का आरोप, शव उठाने के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने लिए थे पांच सौ रुपये
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बदायूं, अमृत विचार। तकरीबन एक साल से पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारी विवादों के घेरे में रहे हैं। बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात एक फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने लावारिस शवों को उठाने वाले युवक को बेरहमी से पीटा।
अधिकारियों से की शिकायत हुई तो सीएमओ और सीओ सिटी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। मारपीट का आरोप सही मिला। सीएमओ ने फार्मासिस्ट को पोस्टमार्टम हाउस से हटा दिया। पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली सिविल लाइन क्षेत्र के मालगोदाम रोड निवासी विक्की उर्फ सुमित कुछ वर्षों से पोस्टमार्टम हाउस पर आने वाले लावारिस शवों को ढोने और अंतिम संस्कार करने का काम करता है। जिसकी वजह से वह सुबह से लेकर शाम तक पोस्टमार्टम हाउस पर ही रुका रहता है। साफ-सफाई भी करता है। बुधवार को भी पोस्टमार्टम हाउस पर बैठा था। आरोप है कि उसने एक क्षत विक्षत शव मोर्चरी में रखवाने में मदद की।
विक्की का आरोप है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने शव के साथ आए लोगों से पांच सौ रुपये लिए। विक्की ने भी सौ रुपये मांगे। जिसके चलते गाली-गलौज शुरू हो गई। जिसका विरोध करने पर फार्मासिस्ट संजी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सत्यवीर ने विक्की को लात-घूसे और लाठी-डंडों से बुरी तरह से पीटा। उसके चीखने पर पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद पुलिसकर्मी पहुंचे और बचाव कराया। पीड़ित ने कोतवाली जाकर पुलिस से शिकायत की।
सिविल लाइन कोतवाल गौरव विश्नोई ने सीएमओ डॉ. अब्दुल सलाम और पुलिस के अधिकारियों को सूचना दी। अधिकारियों ने मौके पर जाकर पूछताछ की तो आरोप सही निकले। सीओ सिटी आलोक मिश्रा ने बताया कि सीएमओ मामले की जांच करेंगे। उनकी रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने बताया कि फार्मासिस्ट संजीव को पोस्टमार्टम की ड्यूटी से हटा दिया गया है। जांच की जा रही है।
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