लखनऊ: यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किलें, शहर की सीमा से बाहर नहीं जाएंगी सिटी बसें

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Published By Deepak Mishra
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देवा रोड, बाराबंकी, हरदोई ,संडीला, रायबरेली, सुल्तानपुर रूट से बसें हटेंगी

मंगल सिंह/ लखनऊ, अमृत विचार। घाटे से उबरने के लिए सिटी बसें की दूरी घटाने की तैयारी कर ली गई है। सिटी बसें शहर की सीमा में ही चलाई जाएंगी। देवा रोड, बाराबंकी, हरदोई, संडीला, रायबरेली, सुल्तानपुर रूट पर चलने वाली बसों को हटाया जाएगा। बसें हटने से यात्रियों को परेशानी होगी और कई वाहन बदलकर गंतव्य तक पहुंचने में जेब पर बोझ भी पड़ेगा।

लखनऊ शहर में 22 रूटों पर 250 सिटी बसें संचालित की जाती हैं। लखनऊ सिटी ट्रासंपोर्ट के पास 140 इलेक्ट्रिक और 100 सीएनजी सिटी बसें हैं।इनमें 40 से अधिक को लखनऊ से देवा, बाराबंकी, हरदोई, संडीला, रायबरेली रूट पर चलाई जा रही हैं। सिटी बसें उन रूट पर भी चल रही हैं, जहां संचालति हैं, जहां रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। लंबे इंतजार से बचने के लिए यात्री इन रुट पर सिटी बसों से सफर करना मुनासिब समझ रहे हैं। इसकी वजह से रोडवेज को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए अब सिटी बसों को केवल शहर के भीतर ही चलाने की योजना बन रही है। इसके लागू होने पर देवा, बाराबंकी, हरदोई, संडीला, रायबरेली, और सुनतानपुर रोड पर सिटी बस से लोग सफर नही कर पाएंगे।

रोडवेज बसों के रूट पर सिटी बसों के संचालक को लेकर परिवहन निगम और लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट के बीच बातचीत चल रही है। योजना है कि लंबी दूरी की सिटी बसों को शहर में ऐसे इलाकों से जोड़ा जाए जहां अभी इसकी सेवा लोग नही ले पा रहे हैं। हर स्टाप पर 10 मिनट के अंतराल में बसें मिलती रहें यह भी सुनिश्चित किया जाएगा।

राजाजीपुरम से बीबीडी, चौक घंटाघर से बीकेटी, चारबाग से पीजीआई, अलीगंज रुट पर सिटी बसों की कमी से दैनिक यात्रियों को दिक्कत हो रही है। इन मार्गों पर बसों को बढ़ाने की योजना है। सिटी ट्रांसपोर्ट के एमडी आरके त्रिपाठी का कहना है कि परिवहन निगम से बात चल रही है। सहमति बनने पर इसे लागू किया जाएगा।

सिटी बसों का होगा कायाकल्प

लखनऊ में दौड़ रही सीएनजी सिटी बसों की दशा सुधारने का खाका तैयार किया गया है। पहले चरण में 42 बसों का कायाकल्प होगा। नगरीय परिवहन निदेशालय के प्लान के मुताबिक लखनऊ समेत 13 शहरों में चलने वाली कंडम सीएनजी बसों की स्थिति सुधारी जाएगी। लखनऊ में संचालित 250 सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों में 110 खस्ताहाल हैं। इनमें उन सिटी बसों को चिह्नित किया गया है, जिनकी उम्र तो पूरी हो गई है लेकिन किलोमीटर पूरा नहीं हुआ है।

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