हरदोई: बगैर दवा के भी डायबिटीज पर पाया जा सकता है काबू, डॉ. टी. अनुश बाबू ने दी ये सलाह

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हरदोई, अमृत विचार। डायबिटिक विशेषज्ञ डॉक्टर टी. अनुश बाबू ने कहा कि दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं डायबीटिक पेशेंट निश्चित तौर पर चिंता का विषय है। लेकिन यदि व्यक्ति अपनी लाइफ स्टाइल को बदल ले तो बिना दवाई के भी डायबिटीज पर काबू पाया जा सकता है। प्रमुख रूप से अपने वजन को नियंत्रित करें, रोजाना वॉकिंग या एक्सरसाइज करें और खान-पान पर नियंत्रण रखें। ऐसा करने पर दवाई की कोई आवश्यकता नहीं रहती है।

 डॉक्टर टी अनुश बाबू डायबिटिक स्पेशलिस्ट के अलावा थायराइड ब अन्य टिपिकल मरीजों के विशेषज्ञ है। जो रविवार को यहां एक होटल में वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि शहर के बालाजी अस्पताल में माह के प्रथम व तृतीय रविवार को वह मरीज का इलाज के लिए उपलब्ध रहते हैं। 

उन्होंने बताया कि डायबिटीज पर किस प्रकार नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 35 साल की उम्र होने पर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति काफी सजग हो जाना चाहिए। ऐसे में उसे प्रत्येक वर्ष अपने नियमित चेक अप कराने चाहिए और अपने लाइफस्टाइल को बदल देना चाहिए। 

उन्होंने डायबिटीज के लक्षणों को बारे में बताते हुए कहा कि मुंह सूखना, ज्यादा भूख लगना, आंखों से धुंधला दिखाई पड़ना या चक्कर आना। यह सभी डायबिटीज के प्रमुख लक्षण है। उन्होंने डायबिटीज की व्याख्या करते हुए बताया कि यह दो प्रकार की होती है टाइप वन एवं टाइप 2। टाइप 1  जन्म से ही डायबिटीज होती है जो अनुवांशिक है ।इसमें इंसुलिन बनता ही नहीं है और उसके लिए उपचार किया जाता है जबकि टाइप टू डायबिटीज आनुवंशी के अलावा विभिन्न कारणों से हो सकती है। 

इनमें प्रमुख रूप से तनाव भी शामिल है। अपने खान-पान को भी आज के युग में बदलना आवश्यक है। मसलन हरी सब्जियां, सलाद और मल्टीग्रेन आटा का प्रयोग करके डायबिटीज से बचाव किया जा सकता है ।यहां प्रमुख रूप से वरिष्ठ चिकित्सक बालाजी अस्पताल के संचालक डॉक्टर सी पी कटियार ने विभिन्न रोगों और उनके बचाव पर अपने विचार रखें।

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