पीलीभीत: जलभराव के बीच बाढ़ पीड़ितों ने किया प्रदर्शन, बोले- संकट में नहीं मिल रही कोई मदद 

Amrit Vichar Network
Published By Jagat Mishra
On

बरखेड़ा/पीलीभीत, अमृत विचार। खुद को कस्बे के वार्ड नंबर चार के रहने वाला बताते हुए बाढ़ पीड़ितों ने जिम्मेदारों की ओर से बरती जा रही अनदेखी पर विरोध प्रकट किया। जलभराव के बीच पहुंचकर महिलाओं और बच्चों के साथ नगर पंचायत चेयरमैन और राजस्व विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें न तो कोई राहत सामग्री मिल सकी है, न ही कोई सुध ले रहा है।  बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग काफी परेशान हैं। डीएम से बाढ़ के इस संकट में मदद की गुहार लगाई है। उधर, चेयरमैन ने लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
         
कस्बे के समीप रेलवे लाइन व नहर पार कस्बे से भोपतपुर को जाने वाले मार्ग पर कई परिवार मकान बनाकर रह रहे हैं। इस स्थान पर बाढ़ का पानी कई फीट तक भरा हुआ है, जोकि गुरुवार को भी कम नहीं हो सका। एक निजी स्कूल के बाहर जलभराव के बीच एकत्र होकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सभी वार्ड नंबर चार के निवासी हैं। एक निजी स्कूल के निकट रहते हैं, उनके घरों में बरसात एवं बाढ़ का पानी मेन रोड से छह फिट तक भरा है और परिवार बाढ़ के बीच फंसे हुए हैं। उनके पास खाने पीने का कोई साधन नहीं बचा है। बच्चों की रोज मर्रा की चीजे दूध,दवाई,सब्जी,आटा चावल तक खत्म हो चुका है। पशु भी बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं। 

आरोप है कि कई बार नगर पंचायत चेयरमैन और राजस्व विभाग के जिम्मेदारों से पानी निकास की गुहार लगाई। एक जेसीबी मशीन भेजी गई थी, मगर नगर पंचायत एव राजस्व विभाग द्वारा जेसीबी का भुगतान नहीं करने पर वह वापस चली गई। बरसात और बाढ़ के पानी का निकास नहीं हो सका। ऐसे में मदद की गुहार लगाई है। विरोध करने वालों में मुनीष कुमार, गंगासहाय, प्रीति देवी, शशि, अभिनय चौहान, दोदराज, प्रदीप कुमार, संजीव कुमार, सुरेश कुमार जयपाल राजवीर आदि थे। 

उधर, चेयरमैन श्याम बिहारी भोजवाल का कहना है कि नगर पंचायत के वार्ड नंबर चार में किसी भी स्थान पर जलभराव नहीं है। यह स्थान काफी निचला है, तालाब नुमा है। यह स्थान नगर पंचायत के समीप नहर के पार गांव भोपतपुर के रकबे में आता है। इसकी जल निकासी कहीं नहीं है। मेरे द्वारा तीन दिन से जल निकासी कराने का प्रयास किया जा  रहा है, काफी पानी कम भी हुआ है। गांव रमपुरा नत्थू की ओर एक कच्चा नाला खोदने की प्रक्रिया चल रही है, जो जल्द पूरी हो जाएगी। उन्होंने लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।

ये भी पढ़ें -सेवानिवृत अग्निवीरों को सीआईएसएफ और बीएसएफ में मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण

संबंधित समाचार