पयागपुर के 42 शिक्षक संकुलों ने दिया सामूहिक त्यागपत्र, कहा-समस्याओं के निदान बिना डिजिटल अटेंडेंस स्वीकार नहीं
पयागपुर/बहराइच, अमृत विचार। परिषदीय विद्यालयों में विभागीय कार्यों को शिक्षकों तक पहुंचाने वाले 42 शिक्षक संकुलों ने डिजिटल अटेंडेंस के विरोध में सामूहिक त्यागपत्र दे दिया। शिक्षक संकुलों ने बीएसए को सम्बोधित त्यागपत्र खण्ड शिक्षा अधिकारी को सौंपकर दायित्वों का निर्वहन करने असमर्थता जताई।
डिजिटल अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों और बेसिक शिक्षा विभाग के बीच छिड़ी जंग बढ़ती ही जा रही है। सोमवार को विकास क्षेत्र पयागपुर के कुल 42 शिक्षक संकुलों ने अपना समूहिक त्यागपत्र खण्ड शिक्षा अधिकारी वीरेन्द्र नाथ द्विवेदी को सौंपा। शिक्षक संकुल राजेन्द्र नाथ शर्मा ने बताया कि बीते दो वर्षों से हम शिक्षक संकुल अपने दायित्वों का कुशल निर्वहन करते आ रहें हैं। भविष्य में डिजिटल अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों पर सख्ती की जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार बराबर शिक्षक संकुलों पर दबाव बनाकर शिक्षकों व छात्रों की डिजिटल अटेंडेंस लगवाये जाने का आदेश निर्गत कर रहें हैं। ऐसे में हम शिक्षक संकुल अब इस दायित्व का निर्वहन करने में असमर्थ हैं।
शिक्षक संकुलों का कहना है कि शिक्षकों की व्यवहारिक समस्याओं का समाधान किये बिना,उनकी मांगे न माने जाने तक डिजिटल अटेंडेंस देना स्वीकार नही है। इस दौरान शिक्षक संकुल गोपालजी शुक्ला, दीनानाथ दीक्षित, नवल पाठक,अजय श्रीवास्तव, अशोक जायसवाल, शिवश्याम मिश्रा, अभिकेश त्रिपाठी, विभा सरकार,रोहित, सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
क्या होते हैं शिक्षक संकुल
न्याय पंचायत स्तर पर पांच-छह शिक्षकों को शिक्षक संकुल के रूप में तैनात किया जाता है। यह ब्लाक संसाधन केंद्र और शिक्षकों के बीच सेतु का काम करते हैं। यह शिक्षक संकुल विद्यालय अवधि के बाद विद्यालयों को निपुण बनाने का काम करने के साथ-साथ विभागीय योजनाओं को शिक्षकों तक पहुंचाने का काम करते हैं।
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