भगवान राम की बड़ी बहन हैं शांता, पूरे देश में हैं इनके केवल दो मंदिर- लोककथाओं में मिलता है जिक्र

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Published By Anjali Singh
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अमृत विचार | भगवान राम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुँच रहे हैं। जहाँ वो अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के दर्शन कर खुद को धन्य मान रहे हैं। लेकिन शायद ही किसी को मालूम हो कि भगवान श्रीराम की एक बड़ी बहन भी थीं जिनका नाम शांता था।

इसका कारण है कि उनका जिक्र वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास की रामचरितमानस दोनों ही ग्रंथों में नहीं है, लेकिन कई लोककथाओं में उनका उल्लेख किया गया है।आपको बता दें कि पूरे देश में श्रीराम की बड़ी बहन शांता के केवल दो ही मंदिर हैं, जहाँ उन्हें पूजा जाता है। लोककथाओं के अनुसार शांता, दशरथ और कौशल्या की बेटी थीं।

मान्यता है कि कौशल्या की बहन वर्षिणी और उनके स्वामी रोमपाद जो अंगदेश में राजा थे उनकी कोई संतान नहीं थी। तो राजा दशरथ और कौशल्या ने शांता को उन्हें गोद दे दिया था। बाद में, राजा रोमपाद ने श्रंगी ऋषि से उनका विवाह कराया था। 

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और कर्नाटक के श्रंगेरी में श्रंगी ऋषि और शांता के मंदिर हैं। श्रंगेरी शहर का नाम श्रंगी ऋषि के नाम पर ही है। यहीं उनका जन्म हुआ था। एक प्रचलित 
कथा के अनुसार कुछ ब्राह्मणों के शाप के कारण अंगदेश में अकाल पड़ गया था।

इससे मुक्ति के लिए राजा रोमपाद ने श्रंगी ऋषि से यज्ञ कराया था। इन्हीं श्रंगी ऋषि से इन्होंने शांता का विवाह किया था। बाद में श्रंगी ऋषि ने ही राजा दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ कराया था, जिसमें प्रसाद स्वरूप भगवान राम और उनके तीनों भाइयों का जन्म हुआ था।

 

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