कटान की रडार पर आये 17 दूसरे मकान, लोगों ने तोड़ना किया शुरू
सरयू नदी की धारा बदलने के चलते साठ परिवारों के सामने गहराया संकट
सूरतगंज/, बाराबंकी अमृत विचार । सरयू नदी की धारा बदलने और कटान की विभीषिका से जूझ रहे साठ परिवारों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। जहां 13 घर पहले ही सरयू नदी में समा चुके हैं। तो वहीं 17 और घर भी रटान की रडार में आ गये हैं। जिससे इन परिवार के लोगों ने कटान के कारण अपने मकान का ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया है। जिससे अब यह परिवार बेघर हो गए हैं। वहीं कुछ ने विद्यालय के अंदर, तो कुछ रिश्तेदारों व सड़क के किनारे, सुरक्षित स्थान पर शरण ले रखी है।
रामनगर तहसील के बाढ़ ग्रस्त हेतमापुर के बबुरी गांव में कटान के चलते गांव का अस्तित्व धीरे धीरे समाप्ति की ओर बढ़ने लगा है। यहां मंगलवार तक अनिल कुमार मिश्रा, सुमित मिश्रा, सुनीता, रामनरेश, बृजेश, पवन, रामू, मुकेश, राजकुमार, विजय कुमार, उमाशंकर, राजू और सोनू कुमार के घर नदी में समा चुके है। नदी में समाहित हो रहे, घरों को देख लोगो ने स्वयं अपने आशियाने तोड़ कर उसमें की ईंट, सरिया, दरवाजे एवं खिड़कियों सहित अन्य कीमती सामान निकल लिया था।
गृहस्थी का सामान रिश्तेदारों, विद्यालयो में रखवाया। वहीं बुधवार को गांव के रामदीन, मुनेश्वर, रवि मिश्रा, कुसमा देवी, लल्लू, तीरथ, शिवप्यारी, छोटेराम, मोहित कुमार मिश्रा, दीपक कुमार, शिवकुमार, अमित कुमार, लालता प्रसाद, सर्वेश कुमार, सियाराम, राकेश कुमार एवं रमेश सहित 17 घर वाले अपने अपने आशियाने तोड़ने में जुटे रहे। इन घर के परिवार वालों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ले ली है। वहीं नदी के कटान से प्रभावित बबुरी गांव में राहत कार्य जारी है।
गांव पर रामनगर के उपजिलाधिकारी पवन कुमार, तहसीलदार भूपेन्द्र विक्रम सिंह, बीडीओ देवेंद्र प्रताप सिंह, एडीओ पंचायत राजेंद्र यादव व जेई सचिन यादव नजर जनाए हुए हैं। ताकि कोई जन हानि न हो सके। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत किट व तिरपाल, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अपर जिलाधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाया जा रहा है। पूरी टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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