प्रयागराज : प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने में हो रही धांधली पर लगाई फटकार

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के तहत महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के मामले में हो रही धांधली पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जब केवल महिला उम्मीदवारों के नाम एलपीजी कनेक्शन जारी करने का प्रावधान है तो पुरुष उम्मीदवार के नाम पर एलपीजी कनेक्शन कैसे जारी किया जा सकता है।

उपरोक्त टिप्पणी न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने जालौन निवासी  ज्योति देवी की याचिका को निस्तारण करते हुए की। दरअसल एक महिला ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। मालूम हो कि उक्त योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करना है। हालांकि सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करने के बावजूद याची का आवेदन बार-बार अस्वीकृत कर दिया जा रहा था। इस पर याची ने  गैस एजेंसी सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष पहले प्रस्तुत किए गए अपने अभ्यावेदनों पर विचार करने के लिए निर्देश देने के अनुरोध के साथ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।

अदालती कार्यवाही के दौरान कोर्ट को यह बताया गया कि एलपीजी कनेक्शन अनुचित तरीके से एक पुरुष प्राप्तकर्ता को जारी किया गया था, जो उसी गांव के प्रधान का रिश्तेदार है, जहां महिला रहती है। इस पर कोर्ट ने जालौन के जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया था कि यदि याची महिला को 7 दिनों के भीतर एलपीजी गैस कनेक्शन, गैस बुकिंग बुकलेट और अन्य प्रासंगिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो उक्त अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करेंगे। अंत में निर्धारित सुनवाई की तिथि पर कोर्ट को बताया गया कि याची महिला को एलपीजी कनेक्शन जारी कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें- लोहिया संस्थान: डॉक्टरों ने कर ली मरीज में बॉम्बे ब्लड ग्रुप की पहचान, बच गई गर्भवती महिला और उसके बच्चे की जान

संबंधित समाचार