प्रयागराज: भाइयों की सूनी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने जेल में पहुंची बहनें
कारागार प्रशासन ने सभी महिलाओं की कराई मिलाई
नैनी/प्रयागराज, अमृत विचार। नैनी सेन्ट्रल जेल और जिला जेल में बंद बंदियों यानी अपने भाइयों की कलाई पर प्यार का रक्षासूत्र बांधने के लिए बहनें सुबह से नैनी जेल पहुंच गयी। काफी इंतजार के बाद उनकी मिलाई का कार्यक्रम शुरु हुआ और वह अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधकर उनकी रिहाई की ईश्वर से कामना की।
नव निर्मित जिला कारागार प्रयागराज में सोमवार को रक्षाबंधन पर्व पर बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। काफी इंतजार के बाद महिलाओं को जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए मिलवाया गया। इससे पूर्व सभी बंदी सेंट्रल जेल में रहते थे, जिससे वहां पर काफी भीड़ महिलाओं की हुआ करती थी। नैनी स्थित जिला कारागार प्रयागराज में लगभग चार हजार बंदी हैं, जो प्रयागराज के अलावा आसपास के जिलों से हैं। जिला जेल बनने के बाद यहां सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया।
रक्षाबंधन पर्व पर सुबह से ही महिलाओं का आना शुरू हो गया था। जेल प्रशासन ने सभी बहनों को उनके भाइयों से मिलाने की व्यवस्था कर रखी थी। बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं को कई शिफ्ट बंद केंद्रीय कारागार व जिला कारागार में प्रवेश दिया गया। उपवास रखकर पहुंचीं बहनें भाई की कलाई में राखी बांधने की उत्सुकता दिख रही थीं। बांदा, महोबा, चित्रकूट, प्रतापगढ़, कौशाम्बी सहित अन्य दूसरे जिलों से आई बहनों के चेहरे पर जरा सी भी थकावट नहीं थीं। उनके मन में था कि वह जल्द अपने भाई की सूनी कलाई में अपना प्यार बांध सकें। बाद में जब उन्हें जेल गेट के अंदर प्रवेश की अनुमति मिली तो उनके चेहरे और खिल गए।
राखी बांधने के दौरान तमाम भाई एवं बहनों की आंखें नम थी। माहौल पूरी तरह से भावुक था। वापस लौटते समय बहनों के चेहरे की खुशी देखने लायक थी। इसी प्रकार सेंट्रल जेल में भी सैकड़ों बहनें राखी बांधने पहुंचीं थीं। यहां भी जेल प्रशासन ने सभी बहनों की मिलाई कराने की व्यवस्था की थी। सभी को जेल मैनुअल के तहत मिलाई कराई गई।
केंद्रीय कारागार नैनी में कारागार में निरुद्ध अपने भाइयों से मुलाकात करने आई बहनों के लिए प्रशासन की तरफ से समुचित व्यवस्था की गई। जो बहनें राखियां मिठाई इत्यादि नहीं लाई थी उनको राखियां एवम मिठाइयां जेल प्रशासन की तरफ से नि:शुल्क उपलब्ध करायी गयी। प्रथम पाली की मुलाकात में 182 महिलाये एवं 77 बच्चे एवं द्वितीय पाली में 212 महिलाये एवं 79 बच्चे मुलाकात करने आए एवं अपने भाइयों की कलाई पर राखियां बांधी।
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