बरेली: ग्रामीणों पर कम, शहर वालों पर कोरोना का ज्यादा असर
बरेली, अमृत विचार। संक्रमितों की सूची और हर रोज हो रही जांच का ग्राफ देखें तो साफ समझ आता है कि बीते दिनों शहर की बजाए देहात क्षेत्रों में सैंपलिंग काफी अच्छी हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक लोगों के सैंपल लिए गए और यहां पॉजिटिव लोग भी कम मिले जबकि शहर में कम सैंपलिंग हुई …
बरेली, अमृत विचार। संक्रमितों की सूची और हर रोज हो रही जांच का ग्राफ देखें तो साफ समझ आता है कि बीते दिनों शहर की बजाए देहात क्षेत्रों में सैंपलिंग काफी अच्छी हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक लोगों के सैंपल लिए गए और यहां पॉजिटिव लोग भी कम मिले जबकि शहर में कम सैंपलिंग हुई और यहां ग्रामीण इलाकों की तुलना में ज्यादा संक्रमित पाए गए।
विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण का विस्तार एक दूसरे के संपर्क में आने से होता है। जहां लोग एक-दूसरे से ज्यादा संपर्क में आते हैं वहां संक्रमित अधिक संख्या में निकलते हैं। शहर में संक्रमण का खतरा अधिक होने का यही एक कारण है। यहां के बाजारों, दुकानों व शॉपिंग मॉल में भीड़ अधिक होती है। बावजूद इसके शहर में लोगों की बेपरवाही अधिक देखी गई। इसके चलते संक्रमण का विस्तार लगातार होता जा रहा है। इन दिनों जब कम संक्रमित मिल रहे हैं तो उनमें भी बड़ी संख्या में शहर के लोग ही संक्रमित निकल रहे हैं। वहीं, गांव में लोग खेती के कार्य में व्यस्त रहते हैं और शारीरिक दूरी का पालन करते हैं।
ग्रामीण मान रहे नियम, शहरी तोड़ रहे
बीते दिनों कोविड कमांड सेंटर पर आई शिकायतों में होम आइसोलेशन तोड़ने वाले लोगों में भी शहरी ज्यादा थे। गांव में रहने वाले लोगों ने नियम, कायदे का पालन कर होम आइसोलेशन का समय पूरा किया। इसके चलते ही गांवों में संक्रमण की चेन टूट सी गई है। ग्रामीणों के अनुसार, अगर बाहरी लोग गांव में न आएं तो ग्रामीण क्षेत्रों में अब संक्रमित भी न मिलें।
बाजारों में भीड़ को देखने वाला कोई नहीं
लॉकडाउन के बाद अनलॉक-5 तक के इस अंतराल में कई छूट मिली हैं। यही कारण है कि सुबह से लेकर शाम तक बाजारों में भीड़ बनी रहती है। शहर के बाजारों में शारीरिक दूरी कहीं नहीं दिखाई देती। कई बार तो लोग बिना मास्क के ही नजर आते हैं।
सर्वे में भी ग्रामीण अव्वल
जिला प्रशासन द्वारा कराए गए सर्विलांस सर्वे में भी ग्रामीण क्षेत्र के लोग अव्वल रहे। सर्वे टीमें काम पूरा कर चुकी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर के लोगों की जांच की जा चुकी है। संदिग्ध लोगों का कोरोना टेस्ट भी कराया जा चुका है। वहीं, शहरी क्षेत्र में यह कार्य अब तक चल रहा है। यहां लोगों सहयोग भी नहीं मिल रहा है।
“सैंपलिंग शहरी और देहात दोनों ही जगह कराई जा रही है। पीएचसी और सीएचसी की संख्या अधिक मानते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक जांच हो रही हैं। यहां संक्रमित कम मिल रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में भी सैंपलिंग का ग्राफ बढ़ाया जाएगा।” -डा. रंजन गौतम, जिला सर्विलांस अधिकारी
