Kanpur: ग्रीनपार्क में दर्शक क्षमता की स्थिति साफ नहीं, पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट पर टिकट छपने शुरू

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। ग्रीनपार्क स्टेडियम में पिच, आउटफील्ड का काम पूरा है। टूटी फाइबर की कुर्सियां बदली जा चुकी हैं। परिसर में साफ-सफाई और प्रशासनिक भवन की रंगाई व पुताई का काम पूरा हो चुका है। लेकिन 27 सितंबर से भारत-बांग्लादेश के बीच अंतरराष्ट्रीय मैच होने के बावजूद अभी तक स्टेडियम की दर्शक क्षमता की स्थिति साफ नहीं हो पाई है। 42 हजार की दर्शक क्षमता वाले ग्रीनपार्क स्टेडियम की 

पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल 20-22 ही दर्शक क्षमता मानी जा रही है। मैच की तारीख नजदीक देख यूपीसीए के पास समय नहीं बचा है, इसलिए पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट को आधार मानकर टिकट छपवाना शुरू करा दिया है। दर्शक क्षमता की जांच में जुटी एचबीटीयू की टीम सात दिन बाद यूपीसीए को रिपोर्ट देगी। 

पुराने ढांचे को हटाकर बनाई गई दर्शक दीर्घाएं और उनकी ठीक से देखरेख न होने के कारण दर्शक क्षमता घट गई है। पीडब्ल्यूडी के निरीक्षण में सामने आया कि स्टेडियम की दर्शक क्षमता 18,301 है। जिसमें ई-पब्लिक और सी-गैलरी को जांच में जर्जर मानकर हटा दिया गया। जांच में बाकी दीर्घाओं की भी दर्शक क्षमता कुछ न कुछ कम पाई गई। दर्शक क्षमता की फाइनल रिपोर्ट अब एचबीटीयू को देना है। 

उसने यूपीसीए से 7-8 दिन का समय मांगा है। यूपीसीए के ग्रीनपार्क नोडल अधिकारी सुजीत श्रीवास्तव ने बताया कि टेस्ट मैच में अब कम दिन बचे हैं, इसलिए पीडब्ल्यूडी की पिछली रिपोर्ट को ही आधार मानकर टिकट छपने का काम शुरू कर दिया है। जब एचबीटीयू की रिपोर्ट मिलेगी तो उस आधार पर फैसला लिया जाएगा। 

एचबीटीयू की तकनीकी टीम ने बुधवार को ग्रीनपार्क का निरीक्षण किया और सात से आठ दिन का समय मांगा है। इस अवधि में टीम दर्शक क्षमता का सटीक आकलन कर यूपीसीए को रिपोर्ट देगी। सी-गैलरी को उपयोग लायक सौंपने के लिए 20 से 22 दिन तक का समय लग सकता है। इसके लिए मैन पावर की जरूरत होगी, जो यूपीसीए से मांगा है। 

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