बदायूं: बच्ची का अपहरण करके की थी हत्या, दोषियों को मिला आजीवन कारावास

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बदायूं, अमृत विचार। बच्ची के अपहरण के बाद हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के दो साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। 

अभियोजन कथानक के अनुसार कोतवाली उझानी क्षेत्र निवासी हरदेश कुमार ने 4 मई 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में उन्होंने बताया कि उनकी तीन साल की बेटी काजल गुलाबी रंग की फ्राक पहने हुए है। वह 3 मई को दोपहर 2 बजे पड़ोस की परचून की दुकान पर सामान लेने गई थी। दुकान पर पहुंचते ही लापता हो गई है। जिसको काफी तलाश करने पर कुछ पता नहीं चला। 

पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि उझानी क्षेत्र के गांव हरहरपुर नरसिंहपुर निवासी प्रदीप पुत्र गोवर्धन और वीरेंद्र पुत्र लालाराम ने पुरानी रंजिश की वजह से उनकी बेटी का अपहरण करके उसकी हत्या कर दी है। शव को सरकारी ट्यूबवैल के बोरबेल में फेंक दिया है। 

पुलिस ने आरोपियों पर बच्ची का अपहरण करके हत्या करने और सबूत मिटाने का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बुधवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया और एडीजीसी अरविंद लाल और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद दोषी प्रदीप और वीरेंद्र को सजा सुनाई है।

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