पीलीभीत: वाह रे सैटेलाइट! पराली जलाने की सूचना पर 13 स्थानों पर दौड़े अफसर-कर्मचारी, मौके पर मिलीं लहलहाती फसलें

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पीलीभीत, अमृत विचार। सैटेलाइट द्वारा जिले में पराली जलाने की दी गई सूचनाएं अफसर-कर्मचारियों के लिए मुश्किल का सबब बन रही है। सैटेलाइट द्वारा अब तक दी गई 20 सूचनाओं में से 13 स्थानों पर फसलें खड़ी पाई गई। जबकि एक अन्य घटना कूड़ा जलाने की पाई गई। अब तक 06 किसानों द्वारा पराली जलाने की पुष्टि हुई है। इन सभी किसानों से 20 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।
                   
जनपद में बड़े पैमाने पर धान कटाई चल रही है। धान की कटाई के बाद किसान खेतों में ही पराली को जला देते हैं, ताकि अगली फसल की बुवाई जल्द की जा सके। हालांकि पराली जलाना दंडनीय अपराध है, हर साल ही इसको लेकर सख्ती बरती जाती है। पराली जलाने वाले  किसानों से जुर्माना भी वसूला जाता है, इसके बावजूद पराली जलाने की घटनाएं प्रकाश में आती रहती है। 

इधर, डीएम संजय कुमार सिंह ने पराली जलाने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पराली जलाने की घटनाओं की मॉनिटरिंग सैटेलाइट के माध्यम शुरू की गई है। पराली जलाने पर 02 एकड़ तक के क्षेत्रफल पर 2500 रुपये, 02 से 05 एकड़ क्षेत्रफल पर 5000 रुपये तथा 05 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में पराली जलाने पर 15000 रुपये जुर्माना दोषी किसान से वसूला जाएगा। इसके साथ दोषी किसानों के शत्र लाइसेंस को निरस्त करने के साथ उन्हें विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभ से भी वंचित करने के भी निर्देश दिए हैं।

इधर सैटेलाइट के माध्यम से जनपद में 20 स्थानों पर पराली जलाने संबंधी सूचनाएं दी गई है। इन 20 सूचनाओं में मात्र छह सूचनाएं सही पाई गई। पराली जलाने वाले 06 किसानों से 20 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। खास बात यह है कि 20 सूचनाओं में 13 घटनाएं जांच में गलत पाई गई। इन सभी 13 स्थानों पर टीमों को लहलहाती फसलें मिलीं। जबकि एक स्थान पर कूडा जलता मिला था।

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