Kanpur Dehat: बलवंत हत्याकांड में निजी मुचलके हाईकोर्ट की पत्रावली में भेजने के आदेश

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Shukla
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कानपुर देहात, अमृत विचार। बहुचर्चित बलवंत हत्याकांड में प्रथम सूचना आरोपी एवं विवेचना में प्रकाश में आए तत्कालीन एसओजी प्रभारी समेत पांच पुलिस कर्मियों को विचारण न्यायालय एडीजे पंचम पूनम सिंह द्वारा दोषमुक्त किए जाने के खिलाफ वादी अंगद सिंह ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद के समक्ष वहां के वरिष्ठ अधिवक्ता हरीशचंद्र मिश्रा के माध्यम से फौजदारी अपील दाखिल की है। जिसमें ग्राहता के बिंदु पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने विषयगत गंभीरता को देखते हुए अपील को सुनवाई के लिए अंगीकृत व पंजीकृत करने का आदेश करते हुए सीजेएम कानपुर देहात को आदेशित किया है।

जिसमें विचारण न्यायालय द्वारा दोषमुक्त किए गए उपरोक्त आरोपी तत्कालीन एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम, तत्कालीन एसओजी टीम के सोनू यादव, प्रशांत कुमार पांडेय, दुर्वेश कुमार, अनूप कुमार व तत्कालीन मुख्य आरक्षी विनोद कुमार के विरुद्ध जमानती वारंट जारी कर उनसे 25-25 हजार रुपये की दो-दो जमानते व इसी धनराशि का उनका निजी मुचलका न्यायालय में दाखिल करा कर उसे उच्च न्यायालय की उपरोक्त अपील की पत्रावली में दाखिल करने का आदेश पारित किया है। 

यह जानकारी वादी पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने देते हुए बताया कि हाईकोर्ट ने सीजेएम न्यायालय को आदेशित किया है वह आरोपी अभियुक्तों के जमानत बंधपत्र व उनके निजी मुचलकों को उच्च न्यायालय की पत्रावली में शीघ्र भेजे। साथ ही छह सप्ताह के अंदर पेपर बुक तैयार करे। साथ ही सीजीएम न्यायालय को यह भी आदेश पारित किया है कि वह उपरोक्त आरोपियों से इस बात की अंडरटेकिंग भी लेकर हाईकोर्ट को भेजें कि उन्हें जिस समय और जैसे उपस्थित होने का उन्हें आदेश किया जाएगा। वह वहां वैसे उपस्थित होंगे। 

बता दें कि मामले में विचारण न्यायालय ने बीती 24 अक्तूबर को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद दोषसिद्ध आरोपी तत्कालीन शिवली थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह एवं तत्कालीन मैथा पुलिस चौकी प्रभारी ज्ञान प्रकाश पांडेय को पांच-पांच साल कैद व दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया था। जुर्माना न अदा करने पर प्रत्येक को एक-एक माह की अतिरिक्त सजा से दंडित करने का आदेश पारित किया गया था। वहीं मामले में न्यायालय ने आरोपी तत्कालीन एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम, तत्कालीन एसओजी टीम के सोनू यादव, प्रशांत कुमार पांडेय, अनूप कुमार, दुर्वेश कुमार एवं तत्कालीन मुख्य आरक्षी मैथा चौकी विनोद कुमार को मामले में दोष मुक्त कर दिया था।

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