जगजीवन साहेब का मना 355वां जन्मोत्सव : तपोस्थली पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

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Published By Vinay Shukla
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बाराबंकी, अमृत विचार : सन्त शिरोमणि समर्थ जगजीवन साहेब का 355वां जन्मोत्सव उनकी तपोस्थली पर श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित सतनामी भक्तों ने जयकारों के साथ प्रसाद चढ़ाया। समर्थ जगजीवन साहेब की तपोभूमि कोटवाधाम में एक दिन पूर्व से भक्तों के आने का शुरू हुआ सिलसिला मंगलवार को लगातार चलता रहा। भोर पहर से ही मंदिर परिसर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह मंदिर परिसर में ढोल मंजीरा व अमीर गुलाल के साथ शुरू कार्यक्रम घंटो चलता रहा। इससे पूर्व श्रद्धालुओं ने पवित्र अभरन सरोवर में स्नान करके प्रसाद चढ़ाना व फेरी लगाने का सिलसिला शुरू कर दिया था।

स्वामी जी के जन्मोत्सव के अवसर पर बड़ी गद्दी के महंत नीलेंद्र दास, छोटी गद्दी के महंत विशाल दास, अमान दास, उमेन्द्र बक्श दास, महन्त कमलेश दास, महन्त अखिलेश दास और फलाहारी दास के आश्रम पर पूरा दिन भजन कीर्तन लंगर भोजन प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता रहा। इस अवसर पर भक्तों में कढ़ी चावल का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने बाबा के जन्मोत्सव में सम्मलित होकर अपने सुखी व समृद्ध जीवन की कामना की। सत्यनाम आश्रम व धर्मशालाओं में पूरा दिन भजन व सत्संग चलते रहे।

इस अवसर पर बड़ी गद्दी व छोटी गद्दी के महंतो से हजारों लोग दीक्षा प्राप्त करके स्वामी जगजीवन दास साहेब द्वारा बताए गए सत्य मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरा मेला क्षेत्र श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। मेले में आए भक्तों में अपार उत्साह देखने को मिला। मेला परिसर में उमड़ा अपार जनसमूह को देखकर दुकानदारों के चेहरे खिल उठे। बाबा की समाधि स्थल पर माथा टेकने के लिए कई जिलों व गैर प्रान्त के लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में पसीने छूटे। पुलिस उपाधीक्षक रामनगर सौरभ श्रीवास्तव, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बदोसरांय सन्तोष कुमार, गजेन्द्र सिंह और विष्णु कुमार शर्मा सहित सैकड़ों पीएसी, पुलिस के जवान मेलार्थियों के सुरक्षार्थ चप्पे-चप्पे पर नजर रखे थे। हालांकि विगत वर्ष की जन्म सप्तमी मेला की अपेक्षा इस बार 40 फीसदी श्रद्धालु ही पंहुचे। 

मिट जाते हैं सारे पाप
मान्यता है कि बाबा के जन्मोत्सव पर उनके दरबार में जो सतदीप जलाता है। उसके सारे पाप मिट जाते हैं। यहां पर बड़े साहेब का जन्मोत्सव मनाने बाराबंकी, बहराईच, गोण्डा, बलरामपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, फैजाबाद, रायबरेली, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर तथा गैर प्रांत से भी भक्त पहुंचे। मुख्य द्वार से समाधि स्थल जाने के लिए भक्तों का रैला लगा रहा। सुबह दस बजे तक इतनी भीड़ थी, कि पुलिस को मुख्य गेट पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। हाथों में प्रसाद लिए भक्त सच्चे दरबार की जय का उद्घोष कर रहे थे। भक्तों के लिए तीनों कपाट खोल दिए गए थे। पवित्र अभरन में स्नान करने के बाद भक्त सीधे प्रसाद चढ़ाने के लिए कतारों में लग रहे। लोगों ने जमकर खरीददारी भी की। यहां पर बच्चों के खोने पर खोया पाया केंद्र भी पुलिस द्वारा बनाया गया है।

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