सात साल से भटक रही महिला का 10 मिनट में हुआ नामांतरण: Kanpur DM की फटकार पर खतौनी में दर्ज हुआ नाम...

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। डेढ़ बीघा जमीन का दाखिल खारिज के लिए 7 साल किदवईनगर से घाटमपुर तहसील के चक्कर लगाए। दो बार वकील बदला। आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को किदवईनगर के-ब्लॉक निवासी माधवी तिवारी ने जनता दर्शन में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को यह समस्या बताई, तो 10 मिनट में नामांतरण मिल गया। 

माधवी ने बताया कि अप्रैल 2018 में जहांगीराबाद परगना घाटमपुर निवासी धीरेंद्र नाथ तिवारी से डेढ़ बीघा जमीन खरीदी थी। बैनामा के बाद मई माह में उनके पक्ष में दाखिल खारिज का आदेश हो गया। लेकिन खतौनी में उनका नाम नहीं दर्ज हुआ। जब उन्होंने प्रार्थना पत्र दिया तो दोबारा जांच हुई। दो बार वकील बदला। 

सात साल घाटमपुर तहसील के चक्कर लगाए। माधवी की समस्या सुनकर जिलाधिकारी ने तत्काल तहसीलदार से बात की और नामांतरण न होने का कारण पूछते हुए कहा कि यह काम आज ही होना चाहिए।  माधवी के अनुसार वह घर भी नहीं पहुंच पाई थीं कि तहसीलदार घाटमपुर लक्ष्मी नारायण बाजपेई का फोन आ गया कि नामांतरण हो गया है।

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