Bareilly: जांच में पकड़ा गया खेल! सैकड़ों ठेकेदारों ने जमा नहीं की रॉयल्टी, चुकानी होगी 4.11 करोड़ से अधिक धनराशि

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एडीएम एफआर ने 11 विभागों के विभागाध्यक्षों को दिए ठेकेदारों के बिल से धनराशि काटने के निर्देश

राकेश शर्मा, बरेली। सार्वजनिक निर्माण कार्यों में प्रयुक्त हाेने वाले उपखनिजों पर सरकारी विभागों से जुड़े सैकड़ों ठेकेदारों ने रॉयल्टी जमा नहीं की। अमान्य अभिवहन प्रपत्र से खनिज परिवहन करना दर्शाया गया है। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की जांच में मामला पकड़ा गया है। अब ठेकेदारों के बिलों से रॉयल्टी और खनिज मूल्य की धनराशि वसूल होगी। भूतत्व एवं खनिकर्म के निदेशक के निर्देश पर एडीएम एफआर ने 11 विभागाध्यक्षों को ठेकेदारों के बिलों से करीब 4.11 करोड़ से अधिक की धनराशि जमा कराने के लिए पत्र लिखा है।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संताेष बहादुर सिंह ने बरेली विकास प्राधिकरण के सचिव, सिविल लाइंस एसएसपी कार्यालय के सामने यूपी सिडको के अधिशासी अभियंता, उप्र राज्य सेतु निगम लिमिटेड ( इज्जतनगर रेलवे क्रॉसिंग के पास) के उप परियोजना प्रबंधक, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता, राज्य कृषि उत्पादन मंडल परिषद के उप निदेशक निर्माण, उप्र निर्माण एवं श्रम विकास महासंघ के अधिशासी अभियंता, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, नगर निगम के नगर आयुक्त को चिट्ठी लिखी है।

जिसमें लोक निर्माण के मुख्य अभियंता को लिखे पत्र में कहा है कि करीब 4867.081 घनमीटर अमान्य अभिवहन प्रपत्र से परिवहन करना दर्शाया गया है। पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार करीब एक करोड़ 53 लाख 55 हजार 473 रुपये की धनराशि की कटौती ठेकेदार के बिल से होगी। अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग को 881.005 घनमीटर उपखनिज के अमान्य परिवहन प्रपत्रों की मात्रा के संबंध में 31 लाख 94 हजार 203 रुपये, सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक को 1110 घनमीटर अमान्य परिवहन प्रपत्रों के संंबंध में 7 लाख 1 हजार 540 रुपये, बरेली विकास प्राधिकरण के सचिव को 4854.138 घनमीटर अमान्य परिवहन प्रपत्रों के संंबंध में 78 लाख 13 हजार 160 रुपये, 

यूपी सिडको के अधिशासी अभियंता को 1629 घनमीटर अमान्य परिवहन प्रपत्रों के संबंध में 27 लाख 52 हजार 260 रुपये, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को 950.408 घनमीटर अमान्य परिवहन प्रपत्रों के संबंध में 55 हजार 688 रुपये, राज्य कृषि उत्पादन मंडल परिषद के उप निदेशक निर्माण को 216 घनमीटर के अमान्य परिवहन प्रपत्रों के संबंध में 3 लाख 92 हजार 230 रुपये, उप्र निर्माण एवं श्रम विकास महासंघ के अधिशासी अभियंता को 2004.73 घनमीटर अमान्य परिवहन प्रपत्रों के संबंध में 13 लाख एक हजार 125 रुपये, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को 309.96 घनमीटर अमान्य परिवहन प्रपत्रों के संबंध में 24 लाख 56 हजार 427 रुपये, 

नगर निगम के नगर आयुक्त को 3815.23 घनमीटर अमान्य परिवहन प्रपत्रों के संबंध में 76 लाख 312 रुपये की धनराशि कटौती ठेकेदारों के बिल से कराने के लिए कहा गया है। साथ की धनराशि निर्धारित लेखा शीर्षक में जमा कराने और उसका विवरण निदेशालय के पोर्टल पर वर्किंग आर्गेनाइजेशन इनवैलिड क्वानटीटी एंड डिपोजिट रिपोर्ट में फीड करके चालान की कॉपी अपर जिलाधिकारी कार्यालय काे भी भेजने के लिए पत्र में कहा गया है।

2023-24 वित्तीय वर्ष से पिछले साल दिसंबर तक जमा नहीं की
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने 22 फरवरी काे 11 सरकारी विभागों के विभागाध्यक्षों को पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि 10 जनवरी को निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म के पत्र और यूपी माइंस के पोर्टल से मिले विवरण के अनुसार जनपद बरेली में वित्तीय वर्ष 2023-24 और वित्तीय वर्ष 2024-25 के माह अप्रैल से माह दिसंबर, 2024 तक 11 सरकारी विभागों की विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं में बिना अभिवहन प्रपत्र के खनिज परिवहन किया है। 2015 के शासनादेश में दिए निर्देश के अनुसार रॉयल्टी एवं खनिज मूल्य की धनराशि खनिज विभाग के निर्धारित शीर्षक में जमा नहीं किया है।

शासनादेश के अनुसार यह है नियम
सार्वजनिक निर्माण कार्यों में प्रयुक्त हाेने वाले उपखनिजों पर रॉयल्टी भुगतान सुनिश्चित करने के संबंध में 2015 में शासनादेश जारी किया गया, जिसके बिंदु संख्या-3(3) में यह निर्देश दिए गए हैं कि यदि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में कार्यदायी संस्था से संबंधित ठेकेदार द्वारा किसी भी उपखनिज का प्रयोग बिना वैद्य अभिवहन प्रपत्र के किया जाता है तब प्रयुक्त उपखनिज की रॉयल्टी के साथ-साथ खनिज मूल्य (सामान्यत: रॉयल्टी का पांच गुना) की कटौती ठेकेदार के बिल से की जाएगी और निर्धारित लेखा शीर्षक में जमा करायी जाएगी। ट्रेजरी चालान की एक प्रति जिलाधिकारी को भी भेजी जाएगी।

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